यशवंत सराठे बरेली रायसेन
रायसेन जिले में दो महीने पहले बाघ की दहशत से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगो का निकंलना हुआ था मुश्किल वन विभाग की टीम के द्वारा हाथियो से किया था रेस्क्यू और लगभग 30 लाख का खर्च आया था ।
वहीं दूसरीओर दिमाड़ा, समनापुर काछी, उटिया,अकोला गांव के आसपास मंडरा रहा पांच दिन से बाघ, कभी सड़क पर कभी खेतोंकी रूझट में दिखाई दे रहा है वाध से दहशतगर्द ग्रामीणों ने वताया कि हम अपने खेतों में नहीं जा पा रहे हैं। शेर रोज मवेशियों का शिकार कर रहा है वन विभाग के आला अधिकारियों को शिकायत करने के वावजूद कोई कार्यवाही नहीं की गयी।

एक वन कर्मी को पहुचाया बाघ की निगरानी हेतु रखा गया वह भी निहत्था बैठा था। घबराये हुये वनकर्मी ने वताया कि भोपाल से वनविभाग की टीम आ रही है वहीं किसान धान की फसल को काटने के लिए खेत में जाने से डर रहे हैं। वन विभाग को कई बार शिकायत करने के बाद भी आज बाघ को 5 दिन होने को है।ग्रामीणों के द्वारा बताया जा रहा है कि एक गाय दो बकरी एक भैंस का किया भागने शिकार गांव में लोग रात्रि में भी दहशत के साए में जी रहे हैं