Let’s travel together.

शरद पूर्णिमा तिथियों में असमंजस,किसी ने कल मनाई कोई आज मना रहा 

0 96

 मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन

इस बार शरद पूर्णिमा 2 दिन मान रहे हैं जिनमें कई लोग बुधवार को कई लोग गुरुवार को शरद पूर्णिमा मनाएंगे। पंचांग के अनुसार शरद पूर्णिमा बुधवार शाम को प्रारंभ हुई जो गुरुवार को भी रहेगी। चंद्र मोहन तिवारी ने बताया कि शरद पूर्णिमा को मां लक्ष्‍मी के प्राकट्योत्‍सव के रूप में मनाया जाता है। मान्‍यता है कि इस दिन धन के देवी मां लच्‍मी समुद्र मंथन से उत्‍पन्‍न हुई थीं। इसके साथ ही द्वापर युग में भगवान कृष्‍ण ने शरद पूर्णिमा की धवल चांदनी में महारास किया था। इससे प्रसन्‍न होकर चंद्रमा ने अमृत वर्षा की थी। मान्‍यता है कि शरद पूर्णिमा की रात को चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से परिपूर्ण होकर अमृत वर्षा करते हैं। यही वजह है कि शरद पूर्णिमा की चांदनी रात में खीर रखने से उसमें अमृत घुल जाता है। मां लक्ष्‍मी को भी मखाने और दूध से बनी खीर बेहद प्रिय है। यह भी एक वजह है कि शरद पूर्णिमा यानी कि मां लक्ष्‍मी के जन्‍मोत्‍सव पर उनकी प्रिय खीर का भोग लगाकर प्रसाद के रूप में खाने से मां लक्ष्‍मी प्रसन्‍न होकर आशीर्वाद प्रदान करती हैं।
इस दिन लोग रात को जागकर मां लक्ष्मी की पूजा करते हैं। मान्यता है कि जो इस रात जागता है, मां लक्ष्मी उसके घर समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। इस दिन को शरद पूर्णिमा भी कहते हैं। मान्यता है कि इसी दिन मां लक्ष्मी का जन्म हुआ था।
व्रत की रात में मां लक्ष्मी की पूजा के बाद मखाने और बताशे का प्रसाद बांटा जाता है। रात लोग कौड़ी भी खेलते हैं। माना जाता है कि कौड़ी समुद्र से उत्पन्न होती है और देवी लक्ष्मी को बहुत प्रिय है। इसलिए उनकी पूजा में कौड़ी भी अर्पित की जाती हैं। देश भर में कुंवारी कन्याएं इस दिन सुबह सूर्यदेव और रात में चंद्रमा की पूजा करती हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से उन्हें मनचाहा जीवनसाथी मिलता है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

बेगमगंज के भुरेरू गांव में खूनी संघर्ष: आपसी विवाद में जमकर चले लाठी-डंडे और धारदार हथियार, 8 घायल     |     परमाणु विनाश से बचने के लिए मानवता को बदलनी होगी अपनी दिशा : मुनि श्री चंद्र सागर     |     ब्रिक्स (BRICS) देशों के संस्कृति मंत्रियों का सांची दौरा संपन्न; भारत की 2000 वर्ष पुरानी बौद्ध विरासत से हुए रूबरू     |     ब्रिक्स देशों से आए प्रतिनिधियों एवं अन्य डेलिगेट्स भारत की समृद्ध बौद्ध विरासत और स्थापत्य कला का किया अवलोकन     |     मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव आज रविवार को चार नई हवाई सेवाओं का करेंगे शुभारंभ     |     उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने पॉलिटेक्निक कालेज में दो छात्रावास का किया भूमिपूजन      |     खस्ताहाल सड़क को लेकर क्रांति सेना आक्रोशित,शीघ्र मरम्मत की मांग     |     पूर्वजों की धरोहर बचाइए, भविष्य सुरक्षित बनाइए: -मुनि श्री प्रमाण सागर     |     ईदगाह में अदा की नमाज-ए-इस्तिस्का; रहमत की बारिश के लिए मांगी दुआ     |     सावन में बढ़ा भोले बाबा का उत्साह, 120 युवाओं की कांवड़ यात्रा      |    

Don`t copy text!
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9425036811