रामभरोस विश्वकर्मा, मंडीदीप रायसेन
108 कुण्डीय शक्ति संवर्धन गायत्री महायज्ञ मंडीदीप में ग्राम सलकनी के निवासियों को भव्य दीपयज्ञ माध्यम से गायत्री परिवार ने युग निर्माण योजना से व्यक्ति निर्माण, परिवार निर्माण और समाज निर्माण के सूत्रों को साधारण भाषा में समझाते हुए महायज्ञ में आने का आमंत्रण दिया. इस अवसर पर दुर्गा माता के पंडाल में लगभग 500 माता बहिनों और भाइयों की उपस्थिति दर्ज हुई. ग्रामवासियों ने 108 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का आमंत्रण बड़े हर्ष के साथ स्वीकार किया.

प्रचार टोली में सुरेश श्रीवास्तव ने गायत्री और यज्ञ को देव संस्कृति के निर्माता बताते हुए आज की भौतिकवादी सोच से जनित समस्याओं का समाधान को सदज्ञान रूपी माता गायत्री को जनजन में और सत्कर्म रूपी पिता को घर घर में स्थापित कर पूजने का आग्रह किया , धरमेश्वर झाढ़े और बहिनों की टोली ने दीपयज्ञ कर्मकांड सम्पन्न कराया। श्री रघुवीर परमार ने 108 कुण्डीय यज्ञ को रायसेन जिले का अब तक के इतिहास में प्रथम विराट आयोजन बताते हुए ग्रामवासियो सपरिवार भाग लेने का आमंत्रण दिया। गांव में दीपयज्ञ व्यवस्थाएं महायज्ञ के संयोजक धीरज मनी की पहल और ग्राम वासियों के सहयोग से जुटीँ. कार्यक्रम में गायत्री परिवार के श्री राजू कन्नौजिया, के.जी. दीक्षित,के साथ बहिनों की टोली में श्रीमती माधुरी खादीपुरे, निशु विश्वकर्मा, रामकली कन्नौजिया, ममता मालवीय उपस्थित रहीं. धनीराम लोवंसी, जीतेन्द्र लोवंशी, विनोद लोवंशी आदि के ग्राम के प्रमुख लोगों ने कार्यक्रम को बहुत सराहा।