अन्य को अनन्य बनाना ही परोपकार है – गिरीश्वर
भोपाल। गांधी भवन न्यास में गांधी जयंती का मुख्य कार्यक्रम माननीय राज्यपाल के आतिथ्य में शुरू हुआ। राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर बापू को नमन किया। उसके बाद सामूहिक सर्वधर्म प्रार्थना के माध्यम से बापू के प्रेम और शांति के संदेश को गुंजाय कर लोगों तक पहुंचाया गया। राज्यपाल ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जन्म जयंती पर उन्हें याद करते हुए सूतांजलि अर्पित की। गांधी भवन न्यास के सचिव दयाराम नामदेव ने राज्यपाल को चरखा भेंटकर स्वागत किया।

कार्यक्रम में राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने वरिष्ठ गांधीवादी मुक्तेश्वर सिंह तथा लेखक व शिक्षक रमेशचंद्र बादल को स्मृति चिन्ह भेंटकर उनकी सुदीर्घ सेवाओं के लिए सम्मानित किया।
इस अवसर पर गांधी भवन न्यास द्वारा पिछले दिनों शहर के विद्यालयों में आयोजित की गई “आओ जानें गांधी को” प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर राज्यपाल ने आशीर्वाद प्रदान किया।

गांधी जयंती के अवसर पर गांधी भवन में एक व्याख्यान का आयोजन भी किया गया। मुख्य अतिथि की हैसियत से बोलते हुए महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति गिरीश्वर मिश्र ने कहा कि आज के समाज में आत्मबल क्षीण हो रहा है। जिसे प्रेम, सद्भाव, परोपकार और स्नेह से मजबूत किया जा सकता है और यही सच्ची अहिंसा है। उन्होंने कहा कि हमारे कर्म व निर्णय में अंतिम व्यक्ति को क्या स्थान है यह अहिंसा का एक व्यापक दर्शन है। वे आगे कहते हैं कि अन्य को अनन्य में बनाना ही परोपकार है।कार्यक्रम की अध्यक्षता पद्मश्री विजयदत्त श्रीधर ने की।

इस अवसर पर रमेशचंद्र बादल द्वारा लिखी गई पुस्तक “सपने देखो सरकार करो” का विमोचन किया गया। कार्यक्रम का संचालन गांधी भवन न्यास के वरिष्ठ न्यासी महेश सक्सेना ने किया तथा आभार प्रदर्शन गांधी भवन न्यास के कोषाध्यक्ष राजेश बादल ने किया। कार्यक्रम में गांधी भवन न्यास के न्यासी अरुण डनायक, सर्वोदय कार्यकर्ता, सर्वधर्म सद्भावना मंच के साथीगण, शहर के गणमान्य नागरिकगण, सामाजिक नागरिक संस्थाओं के प्रमुख, विद्यालयों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।