राशन घोटाले में रसद माफिया पर मामला दर्ज,गरीबों के राशन की ब्रांडिंग कर ब्लैक मार्केट में बेचने का प्रयास
शिवपुरी।शिवपुरी जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत वितरित किए जाने वाले गेहूं और चावल को ब्लैक मार्केट में बेचने की साजिश का पर्दाफाश हुआ है। इस मामले में स्वास्तिक महालक्ष्मी सोरटेक्स इंडस्ट्रीज के मालिक अभिषेक तायल और ट्रक मालिक संतोष तायल के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3ध्7 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जानकारी के अनुसारए यह मामला 3 सितंबर 2024 को तब सामने आया जब शिवपुरी के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और तहसीलदार ने शिवपुरी के ग्राम नीमडंाडा पंचायत मझेरा स्थित स्वास्तिक महालक्ष्मी सोरटेक्स इंडस्ट्रीज की जांच की। जांच के दौरान पाया गया कि ट्रक क्रमांक एमएच18 जीबी 925 से गेहूं के कट्टे गोदाम में उतारे जा रहे थे। जांच के समय गोदाम में 1172 कट्टे गेहूं और 1580 कट्टे चावल पाए गए। प्रत्येक कट्टे का वजन लगभग 50 किलोग्राम था। इसके अलावा ट्रक के अंदर 85 गेहूं के कट्टे और 314 चावल के पैकेट भी मिले जिनका कुल वजन क्रमश: 4250 किलोग्राम और 3140 किलोग्राम था।
चौंकाने वाली बात यह है कि जांच के समय न तो ट्रक ड्राइवर मौके पर मौजूद था और न ही स्वास्तिक इंडस्ट्रीज के मालिक अभिषेक तायल। इसके अलावा कार क्रमांक 3478 भी घटनास्थल पर खड़ी मिली लेकिन उसके मालिक और ड्राइवर भी गायब थे। ऐसे में यह स्पष्ट होता है कि यह पूरा प्रकरण एक योजनाबद्ध तरीके से गरीबों के राशन को ब्लैक मार्केट में बेचने की साजिश थी।
जांच टीम द्वारा मौके पर मिले गेहूं और चावल के कुल 62850 किलोग्राम और 79000 किलोग्राम वजन वाले कट्टों को जप्त कर लिया गया है। इसके अलावाए ट्रक क्रमांक एमएच18 जीबी 0925 और कार क्रमांक 3478 को भी कब्जे में ले लिया गया है।
शिवपुरी खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी गौरव कुमार कदम द्वारा थाना प्रभारी थाना देहात जिला शिवपुरी को इस संबंध में आवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया। जिसमें स्वास्तिक महालक्ष्मी सोरटेक्स इंडस्ट्रीज के मालिक अभिषेक तायल और ट्रक मालिक संतोष तायल के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई।
उक्त प्रकरण के संबंध में थाने में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। इस घटना ने एक बार फिर से सरकारी योजनाओं के तहत गरीबों को मिलने वाले राशन की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस द्वारा जांच में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है, ताकि इस पूरे गिरोह को बेनकाब किया जा सके।