अंडर ब्रिज में पानी, ग्राम अंबाडी छपराई के पास रेलवे क्रॉसिंग फाटक किया बंद,मोटरसाइकिल भी चार कंधों पर ले जाकर रास्ता कर रहे पार
मुकेश साहू दीवानगंज
हमारे देश में बुलेट ट्रेन की बात की जा रही है। वहीं दूसरी और रेलवे ट्रैक पर बने आमजन के लिए निकलने का पुराना रेलवे गेट ही बंद कर दिया गया है। यह है आधुनिक भारत की तस्वीर, यहां लोगों को मोटरसाइकिल भी चार कंधों पर ले जाकर रास्ता पार करना पड़ता है। रेलवे पटरियां पार करके बीमार और गर्भवती महिलाओं को तो ले जाना आम बात है।
मामला सांची विधानसभा क्षेत्र के ग्राम अंबाडी छपराई के पास रेलवे क्रॉसिंग फाटक का। यहां कुछ साल पूर्व ही रेलवे विभाग ने रेलवे फाटक पूर्ण रूप से बंद कर दिया है जिसकी खुलने की मांग कई दिनों से ग्रामीण कर रहे हैं। क्योंकि अस्थाई तौर पर ग्रामीण यहां से निकल जाते थे। अब रेलवे विभाग ने फाटक के रास्ते को पूरा बंद कर दिया है। जिससे जान जोखिम में डालकर 6 गांव के ग्रामीण रोज रेलवे पटरियां पार करते हैं। यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। बता दें कि केमखेड़ी, घोड़ाचौक, पिपरई, कालीटोर, शक्ति, मुनारा ,खेड़ा आदि गांव के ग्रामीण इसी रास्ते से होकर अपने जरूरी काम के लिए भोपाल, विदिशा, सांची, सलामतपुर, दीवानगंज रायसेन आदि जगह जाते हैं। मगर रेलवे फाटक बंद होने से इन ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बड़े वाहन रेलवे लाइन की दूसरी और नहीं पहुंच पाते हैं। वही कुछ लोगों की जमीन रेलवे क्रॉसिंग से दूसरी साइट है वह भी अपने खेत पर खेती करने ट्रैक्टर नहीं ले जा पाते है। बाइक को चार लोग उठाकर रेलवे पटरियां पार करते हैं। जिसमें जान जाने का खतरा हमेशा बना रहता है। पढ़ने वाले छात्र छात्राए भी रोज रेल पटरियों को पारकर स्कूल आते-जाते हैंं बच्चों को हमेशा रेलवे पटरियों को पार करने में समस्या होती हे।

वहीं रेलवे विभाग ने अंडर पुलिया निर्माण कर दी हैं। मगर उसमें भी बरसात के मौसम में कमर कमर पानी भर जाता है। जिससे वाहन निकलना तो दूर की बात है पैदल निकलना भी मुश्किल है। अब ऐसे में ग्रामीण मांग कर रहे हैं कि रेलवे गेट जो बंद कर दिया गया है उसको खोला जाए। ग्रामीणों की मांग पर दीवान गंज रेलवे स्टेशन पर फुट ओवर ब्रिज का निर्माण हो रहा हैमगर निर्माण कार्य कछुआ की चाल से चल रहा है। पुट ओवर ब्रिज निर्माण को 3 साल पूरे हो गए मगर अभी तक फुटओवर ब्रिज पूर्ण रूप से तैयार नहीं हुआ। दीवानगंज रेलवे स्टेशन पर फुट ओवर ब्रिज बन जाने से 6 गांव को आने-जाने में सुविधा मिलने लगेगी।
इनका कहना है-
रेल्वे फाटक स्थाई रूप से बंद हो जाने के कारण लोगों को बहुत परेशानी हो रही है। यहां हम लोगों को प्रतिदिन अपनी जान जोखिम में डालकर रेलवे पटरियां पार करके दूसरे गांव जाना पड़ता है।
सौदान सिंह अहिरवार, स्थानीय ग्रामीण
पिपरई, कलिटोर,मुनारा, खेड़ा, केमखेड़ी, अम्बाड़ी छपराई आदि गांव के किसान रेलवे फाटक बंद हो जाने के कारण अपने खेत तक भी नही पहुंच पा रहे हैं। बीमारी में भी मरीज़ को कंधे पर उठाकर रेलवे पटरियां पार करके अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। रेलवे ने अंडर ब्रिज बनाया था लेकिन बरसात के मौसम में उसमें भी कमर तक पानी भरा हुआ है।
हरगोविंद लोधी, स्थानीय ग्रामीण।