अनुराग शर्मा सीहोर
रक्षा बंधन पर सीमा पर तैनात देश के जवनों के लिए शहर के सैकड़ाखेड़ी स्थित वृद्धाश्रम में निवासरत करीब दो दर्जन से अधिक बुजुर्ग राखियां बनाने में जुटे गए है। राखियां बनाने के बाद सेना के जवानों को राखी भेजी जाएगी, यह राखियां बार्डर पर तैनात जवानों बांधी जाएगी।
इस संबंध में जानकारी देते हुए आश्रम के संचालक राहुल सिंह ने बताया कि हर साल करीब तीन हजार से अधिक राखियां इन बुजुर्गो के द्वारा भारत के सैनिकों के अलावा नशा मुक्ति केन्द्र में हितग्राहियों के अलावा जरूरतमंदों के लिए तैयार की जाती है। श्रद्धा भक्ति सेवा समिति द्वारा राखी पर्व के दौरान वृद्धाश्रम के अलावा अन्य स्थानों पर राखी बनाने जाने की कच्ची सामग्री प्रदान करती आ रही है। समिति के द्वारा आश्रम के अलावा अन्य स्वयंसेवियों ने 500 से अधिक राखियां तैयार की है। इन स्वयंसेवियों के द्वारा बुजुर्गों को आसान तरीके से राखी बनाना सीखा रहे है। 61 वर्षीय बुजुर्ग निकिता के मार्गदर्शन में यह राखी बनाने का काम सभी बुजुर्गों द्वारा किया जा रहा है
संकल्प वृद्धाश्रम केन्द्र में निवासरत बुजुर्ग लक्ष्मीकांत अग्रवाल और विधु परमार ने बताया कि जवानों की लंबी उम्र की कामना के लिए राखी का निर्माण किया जा रहा है। आगामी दिनों में रक्षा बंधन का त्यौहार है, इस दिन बहनें अपने भाईयों की कलाई पर राखियां बांधती है, भाई-बहन की रक्षा का वचन देता है, वहीं देश की सीमाओं पर नियुक्त हजारों भाई जवान इस पर्व में भी सीमाओं पर रहेंगे तथा देश की रक्षा करेंगे।