सरकारी स्कूलों में शिक्षक मनमानी से नही आ रहे बाज
अभिषेक असाटी बक्सवाहा
सरकारी स्कूलों में शिक्षक मनमानी से बाज नहीं आ रहे है ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में सरकारी स्कूलों के खुलने का समय 10:30 बजे से 4:30 बजे तक निर्धारित है लेकिन स्कूल प्रबंधन शासन के निर्देशो का पालन नहीं करते हुए अपनी मनमानी पर उतारू है शिक्षक अपनी मनमर्जी से स्कूल पहुंच कर स्कूल संचालित कर रहे हैं यही कारण है कि गांव एवं नगर के पालक अपने बच्चों को निजी स्कूलों में पहुंचा रहे हैं एक तरफ शासन सरकारी स्कूलों में बच्चों को आकर्षित करने के लिए गणवेश से लेकर किताबें, साइकिल, छात्रवृत्ति मध्यान्ह भोजन योजनाये संचालित कर रहा है इसके बावजूद शासकीय स्कूलों में लापरवाही के कारण बंद स्कूलों के नजारे आम हो गए हैं
ऐसे ही हालात विकासखंड के शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल बक्सवाहा का देखने को मिला जहां प्राचार्य की मनमानी और स्कूल के स्टाफ के आपसी तालमेल की वजह से लेट स्कूल का खुलना और समय से पहले ही छुट्टी कर देना आम हो गया है जबकि स्कूलों का समय सुबह 10:30 से 4:30 तक निर्धारित किया गया है लेकिन शिक्षक समय से पहले ही स्कूल की छुट्टी कर ताला लगा देते हैं सरकारी स्कूलों को सुविधा मुहैया कराने में सरकार कोई कमी नहीं रखती है लेकिन शिक्षकों की लापरवाही की वजह से सारी योजनाएं जो छात्रों के हित में होती हैं वह उन तक पहुंचने से वंचित रह जाती हैं वहीं अभिभावको का प्राइवेट स्कूलों की तरफ रूख देखा जा रहा है
स्कूल में चल रही अनियमितताओं की लगातार शिकायत मिलने विकासखंड शिक्षा अधिकारी सत्यम चौरसिया ने बम्होरी समेत शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल बक्सवाहा का निरीक्षण किया जिसमें समय से पूर्व छुट्टी कर देने का मामला सामने आया जिस पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी सत्यम चौरसिया ने बम्होरी संकुल के मझगुआघाटी स्कूल को कारण बताओं नोटिस जारी किया वहीं देखना होगा की अन्य विद्यालयों में पाई जाने वाली अनियमिताओं पर नकेल कसने में विकासखंड शिक्षा अधिकारी के क्या नए कदम रहेंगे