पौधे लगाने के बाद बची पॉलीथिन थेली को एकत्र कराकर बेचने से प्राप्त राशि से पौधों की रक्षा के लिए खरीदेंगे ट्री गार्ड
पर्यावरण को खराब होने से बचाएगी सांस हो रही है कम,बेगमगंज के रेंज आफिसर अरविन्द अहिरवार की अनूठी पहल
शरद शर्मा बेगमगंज रायसेन
पर्यावरण के चलते पूरे देश में करोड़ों पौधे लगाए गए परंतु उन्हें पौधों को लगाते समय काली पॉलीथिन पौधे लगाते समय वही जमीन पर फेंक दी जाती है वह पॉलिथीन जिसमें मिट्टी भरकर पौधे का बीज लगाया जाता है उसके बाद बीज पौधा बनकर तैयार होता है इसके पश्चात वह पॉलिथीन से पौधा निकालने के बाद सब लोग उसे वृक्षारोपण के रूप में लगाते हैं गड्ढे खोदते हैं पॉलिथीन से पौधा निकलते हैं और पौधा लगाकर पॉलिथीन वहीं फेंक देते हैं।

कुछ समय बाद पन्नी मिट्टी को खराब करेगी कुछ पन्निया पानी में वह नदी नाले में जाएगी पानी के जीव जंतु खाएंगे तो वह मर जाएंगे पर्यावरण संतुलन खराब होगा इन सबको देखते हुए बेगमगंज रेंजर अरविंद अहिरवार ने पर्यावरण एवं जलीय जीव जंतु को बचाने के लिए अनूठा प्रयोग किया जो सफल रहा बेगमगंज तहसील में 25 दिनों से बेगमगंज तहसील में लाखों पौधे लगाए गए परंतु रेंजर ने अपने विभाग के कर्मचारी वन पाल वनरक्षक बीट गार्ड डिप्टी रेंजर अग्नि मित्रों को पौधा रोपण के बाद काली पॉलीथिन इकट्ठी करवरकर अपने कार्यालय वापस बुला ली गई
अब इस पन्नी को रिसाइकिल के लिए दे दी गई
स्वयं की तैयार की हुई नर्सरी जिसमें दूध की पॉलिथीन से 20000 पौधे तैयार किए गए थे बेगमगंज क्षेत्र में 3 लाख पौध रोपण होने थे जो सभी पंचायत किसानों को और जंगलों में वृक्षारोपण वन भूमि में किए जाने थे परसौरा सुल्तानगंज बेगमगंज महुआ खेड़ा कटंगी उमरखोह गोरखपुर तुलसीपार वन क्षेत्र में हुए पौधों रोपण उसके बाद पन्नी इक्कठी करके कार्यालय ला रहे हैं
लिए किसी कबाडे वाले को दी ।उस लाखों काली पन्नी को बेचने के बाद जो भी पैसे आएंगे वह पौधे जहां लगाए गए हैं वहां पर टी गार्ड लोहे की जाली लगवाकर उन्हें सुरक्षित किया जाएगा।इस अनूठी पहल का बेगमगंज रेंजर अरविंद अहिरवार की बेगमगंज तहसील के समस्त कर्मचारी अधिकारी और आम लोग भूरी भूरी प्रशंसा कर रहे हैं