आलेख
अरुण पटेल
देश की नई सरकार चुनने के लिए 2024 के लोकसभा चुनाव में राजनेताओं ने एक-दूसरे पर कटाक्ष करने के लिए जिस शाब्दिक गोला-बारुद का उपयोग किया उसके लिए यह चुनाव प्रचार लम्बे समय तक याद किया जायेगा, चाहे नतीजे कुछ भी निकलें। ऐसा लगता है मानों एक-दूसरे के प्रति शाब्दिक मर्यादा की जो सीमा-रेखा थी उसे तार-तार करने में कोई किसी से पीछे नहीं रहा। मतदाताओं ने अपना फैसला इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों में कैद कर दिया है लेकिन मशिनों के गर्भ से क्या नतीजा निकलता है इसके लिए 4 जून तक इंतजार करना पड़ेगा, लेकिन इंतजार आज के जमाने में कौन करता है । इसलिए एक्जिट पोल के नतीजों पर ही 3 जून तक बहस छिड़ी रहने की संभावना को नकारा नहीं जा सकता।अपनी-अपनी जीत के सभी हिमालयीन वायदे कर रहे हैं लेकिन हिमालय की चोटी पर जाकर कौन जीत का परचम लहरायेगा यह 4 जून 2024 को दोपहर बाद तक बहुत कुछ स्पष्ट हो जायेगा। वैसे जो पूर्वानुमान चुनावी विश्लेषक और सर्वे करने वाली एजेंसियां लगा रही हैं उनसे एक केंद्रीय स्वर यही उभर कर सामने आ रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सत्ताशीर्ष पर पदासीन होने की हैट्रिक बनाने जा रहे हैं। इस सबके बावजूद इंडिया गठबंधन के नेताओं और इक्का-दुक्का विश्लेषण करने वालों का यह मानना है कि इंडिया गठबंधन सरकार बनाने जा रहा है।

2024 के लोकसभा चुनाव में विश्व गुरु, अनुभवी चोर, दो शहजादे से लेकर मंगलसूत्र, मुर्गा-मटन, मछली सहित आरोप-प्रत्यारोपों के जो शाब्दिक तीर छोड़े गये उसने सुर्खियां तो बटोरीं लेकिन यह बात भी शिद्दत के साथ महसूस कराई कि चुनाव नतीजे आने तक जो समय मिल रहा है उसमें राजनेता इस बात का आत्मचिंतन जरुर करें कि किसने क्या कहा और क्या उससे शाब्दिक मर्यादा तार-तार नहीं हुई। मीडिया के विभिन्न मंचों से जो चर्चा हुई और पक्ष-विपक्ष दोनों ने जो शब्द गढ़े इस वजह से भी लोकसभा चुनाव की जो सरगर्मी पहले चरण से आरंभ हुई वह आखिरी चरण तक न केवल बढ़ी बल्कि और दिलचस्प होती गयी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो शहजादे, अनुभवी चोर, मंगलसूत्र, मछली और मुजरा शब्दों के सहारे जिसे वह और उनके सहयोगी साथी इंडी गठबंधन कहते रहे, उसकी जमकर घेराबंदी की। उत्तरप्रदेश की एक चुनावी रैली में मोदी का कहना था कि तुष्टिकरण की राजनीति के लिए दो शहजादे सामने आये हैं, हालांकि उन्होंने इन शहजादों के नाम नहीं लिए लेकिन उनके निशाने पर साफ-साफ कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ही थे। एक टीवी चैनल के साक्षात्कार के दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर कटाक्ष करते हुए मोदी ने कहा कि अनुभवी चोर जानता है कि कैसे सफाई की जाती है। दिल्ली में शराब नीति घोटाले में नकदी लेन-देन संबंधी सबूतों के अभाव के बारे में पूछे जाने पर मोदी ने इसी प्रकार केजरीवाल की घेराबंदी की। उन्होंने इंडिया गठबंधन पर मुस्लिम वोट बैंक के लिए मुजरा करने का आरोप भी लगाया। राजद नेता तथा बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के सावन में मछली खाने और राहुल गांधी तथा लालू यादव के मटन खाने वाला वीडियो सामने आने के बाद तल्ख लहजे में मोदी का कहना था कि विपक्षी दल अपनी मुगलिया मानसिकता का प्रदर्शन कर रहे हैं और अपने वोट बैंक को मजबूत करने के लिए वीडियो साझा कर बहुसंख्यक समुदाय को चिढ़ा रहे हैं।

कांग्रेस के स्टार प्रचारक और पूरे देश में इंडिया गठबंधन का अलख जगाने वाले राहुल गांधी के निशाने पर मुख्यतया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रहे और राहुल गांधी ने टेम्पो वाले अरबपतियों का कठपुतली राजा जैसे शब्दों से अपने शाब्दिक तीर चुनावी समर में चलाये। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अदाणी और अम्बानी टेम्पो से कांग्रेस को बोरे भर-भर कर नकदी पहुंचाने जैसी टिप्पणी पर कटाक्ष करते हुए मोदी को टेम्पो वाले अरबपतियों का एक कठपुतली राजा निरुपित किया। राहुल गांधी ने मोदी के बायोलॉजिकल वाले बयान का मजाक उड़ाते हुए यहां तक कह दिया कि अगर एक साधारण व्यक्ति ने यह बयान दिया होता तो मनोचिकित्सक के पास ले जाना पड़ता। नरेंद्र मोदी ने गुजरात की चुनावी सभा में विरासत-कर के मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर हमलावर होते हुए कहा कि अगर किसी के पास दो भैंस हैं तो विपक्षी पार्टी लोकसभा चुनाव जीतने पर उससे एक भैंस छीन लेगी, इस पर पलटवार करते हुए राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री को ऊंट दिया जायेगा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी कहां पीछे रहे, उन्होंने हरियाणा की चुनावी सभा में भाजपा से हर साल दो करोड़ नौकरियां और हर किसी के बैंक खाते में 15 लाख रुपये तथा किसानों की आय दुगुनी करने जैसे वायदों पर जवाब देने को कहा और साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को झूठों का सरदार तक कह डाला। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने झारखंड की एक चुनावी रैली में आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी आदिवासियों से नफरत करते हैं क्योंकि उन्होंने देश के सबसे बड़े आदिवासी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जेल भेज दिया है।
भले ही वामपंथी दल इंडिया गठबंधन में शामिल हों लेकिन केरल में यूडीएफ यानी कांग्रेस की अगुवाई वाला मोर्चा और एलडीएफ यानी वामपंथियों की अगुवाई वाले मोर्चे के बीच आपस में तलवारे खिंची हुई हैं क्योंकि वहां के राजनीतिक हालातों को देखते हुए सभी सीटों पर

कांग्रेस और वामपंथी दोनों दल आमने-सामने चुनाव लड़ रहे हैं। राहुल गांधी की एक टिप्पणी से विक्षुब्ध केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने उन्हें पूरी तरह अपरिपक्व बताया। राहुल गांधी ने टिप्पणी की थी कि केंद्र की भाजपा सरकार ने विपक्ष शासित राज्यों के दो मुख्यमंत्रियों हेमंत सोरेन और अरविन्द केजरीवाल को जेल भेजा लेकिन विजयन को नहीं भेजा। प . बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा राज्य में 26 हजार शिक्षकों की भर्ती रद्द किए जाने के बाद भाजपा को नौकरी खाने वाली पार्टी निरुपित किया। ममता बनर्जी ने भाजपा पर उनकी सरकार के फैसलों में अडंगा लगाने और साजिश रचने का आरोप भी लगाया।
और यह भी
सातवें चरण के लिए मतदान होने के एक दिन पूर्व मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कांग्रेस के साथ गांधी परिवार पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस का मनोबल गिरा हुआ है इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि तीन बार सांसद रहे राहुल गांधी ने एक बार पटकनी खाने के बाद अपनी अमेठी सीट छोड़ दी और केरल भाग गये। अगर सामने समुद्र नहीं आता तो वे अरब देशों में जाकर चुनाव लड़ते। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सांसद विष्णु दत्त शर्मा का दावा है कि भाजपा 4 जून को जीत का जो इतिहास लिखने जा रही है वह राजनीतिक पंडितों के लिए शोध का विषय होगा। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने चुनावी रैलियों में दिये गये भाषणों को लेकर नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने जिस भाषा का इस्तेमाल किया उससे लगता है कि वह विश्व गुरु नहीं विष गुरु हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री को स्वघोषित भगवान भी निरुपित किया।

–लेखक सुबह सवेरे के प्रबंध संपादक हैं
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