भोपाल।स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्यप्रदेश, भोपाल एवं क्षेत्रीय इकाई इन्दौर के द्वारा संयुक्त रूप से छापामार कार्यवाही करते हुए, देवास स्थित एक आवासीय मकान से दुर्लभ जीवित प्राणी इगुआना (Iguana iguana) एवं एंपरर स्कॉर्पियन (Pandanus imperator) को जप्त कर संबंधित के विरूद्ध प्रकरण दर्ज किया गया,

दोनों जीवित प्राणी वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 यथा संशोधित 2022 की अनुसची IV के परिशिष्ट II में दर्ज हैं तथा CITES जीवित प्राणी प्रजातियां की सूची में भी सूचीबद्ध है जिनका व्यापार एवं बंदी अवस्था में बिना वैधानिक दस्तावेज के रखना अधिनियम की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत प्रतिबंधित है। इगुआना उत्तरी अमेरिका एवं मेक्सिको में तथा एंपरर स्कॉर्पियन पश्चिम अफ्रीका में पाए जाने वाले दुर्लभ जीव है जिन्हें दूसरे देश से लाए जाने पर साइटिस अथॉरिटी का सटिर्फिकेट एवं डायरेक्टर जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड की आयात अनुज्ञप्ति की आवश्यकता होती है आरोपी के पास उक्त दोनों दस्तावेज नही पाए गए उक्त जप्त जीवित प्राणी प्रजातियां को माननीय विशेष न्यायालय इंदौर के आदेश अनुसार इंदौर स्थित कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में सुरक्षित रखा गया है। प्रकरण में राज्य के बाहर अन्य आरोपियों की संलिप्तता पाई गई है जिनके विरूद्ध शीघ्र ही कार्यवाही की जावेगी।

वर्तमान में CITES जीवित प्राणी प्रजातियों के संबंध में भारत सरकार पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय नई दिल्ली के द्वारा जीवित प्राणी प्रजातियां (रिपोर्टिंग और रजिस्ट्रीरण) नियम 2024 लागू किये गए हैं जिसके अंतर्गत वन्यजीव (संरक्षण) अधिनिमय 1972 यथा संशोधित 2022 अनुसची-IV के परिशिष्ट I,II एवं III में दर्ज जीवित प्राणी प्रजातियों का स्वामित्व हस्तांतरण जन्म एवं मृत्यु का पंजीयन PARIVESH PORTAL 2.0 के माध्यम से कराया जाना आवश्यक है, इसके लिए 31 अगस्त 2024 तक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किए जा सकेंगे। प्रत्येक व्यक्ति जिनके पास उपरोक्त अनुसार जीवित प्राणी प्रजातियां है इस पोर्टल के माध्यम से अपना पंजीयन अवश्य करें 31 अगस्त 2024 के पश्चात जिन व्यक्तियों के पास पंजीयन प्रमाण पत्र नही होगा, उनके विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जावेगी।