सात बच्चो साहित 60 लोगो को काट चुके हे स्ट्रीट डॉग, फिर भी पेट लवर जता रहे प्रेम
शरद शर्मा बेगमगंज रायसेन
नगर में आवारा कुत्तों के द्वारा गत दिनों 7 बच्चों को काटे जाने के बाद हड़कंप मच गया था। जागरुक नागरिकों द्वारा नगरपालिका प्रशासन का घेराव किए जाने के बाद ऐसे कुत्तों की धर पकड़ शुरू की गई और उन्हें नगर के बाहर छोड़ा गया लेकिन तथाकथित एक पशु प्रेमी द्वारा मुख्य नगरपालिका अधिकारी एवं नपाध्यक्ष पर किसी महिला से फोन कराकर कोर्ट में घसीटे जाने की धमकी देते हुए 24 घंटे के अंदर सभी कुत्तों को वापस शहर में लाकर छोड़ने की धमकी दी गई है ।
जब नागरिकों को इस बात का पता चला तो नागरिकों द्वारा भी चेतावनी दी गई है कि यदि ऐसे फर्जी पशु प्रेमी जोकि आवारा कुत्तों को वापस शहर में लाकर छोड़ने की मांग कर रहे हैं। वह हमारे बच्चों और हमारे लिए खतरा उत्पन्न कर रहे हैं , उन्हें घेरकर सबक सिखाया जाएगा।
पिछले कई वर्षों से नगर में सैकड़ो की संख्या में घूम रहे आवारा कुत्ते नागरिकों के लिए सिर दर्द बने हुए थे। हद तो तब हो गई जब ऐसे कुत्तों द्वारा छोटे-छोटे बच्चों पर अचानक हमलाकर उन्हें गंभीर रूप से घायल किया जाने लगा। तब पीड़ित परिवारों एवं नागरिकों द्वारा सामूहिक रूप से नगर पालिका कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन दिया गया कि आवारा कुत्तों से उनके बच्चों की जीवन की रक्षा की जाए ।

सिविल अस्पताल से जानकारी लेने पर पता चला कि एक माह के अंदर करीब 60 लोगों का कुत्ते द्वारा काटने पर इलाज किया गया है जिसमें बच्चे भी शामिल हैं।
गत दिवस ऐसे ही आवारा कुत्तों ने पुराना बस स्टैंड पर एक गाय को घेरकर उस पर हमलाकर उसे मार डाला और नोंच-नोंचकर खाने लगे तो हिम्मत करके कुछ लोगों ने लाठियों से कुत्तों को भगाया ओर गाय का रात 1:45 बजे तक उपचार कराया गया आखिरकार गाय ने दम तोड़ दिया । इसे पूर्व इसी तरह कुत्ते बढ़ापुरा में आधा अर्जन बकरियां महादेवपुर में दो बछियों, जैन के सामने एक बछड़े आदि को निशाना बनाकर मौत की नींद सुला चुके हैं।
गाय की बछिया की मौत होने की जानकारी लगता ही गौसेवकों ने भी हंगामा करते हुए नगरपालिका कार्यालय का घेराव करते हुए आवारा कुत्तों से नगर मुक्त करने की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी गई थी ।

पेट लवर महिला ने अधिकारियो को धमकाया
ताजे दोनों मामलों की गंभीरता को देखते हुए मुख्य नगरपालिका अधिकारी द्वारा ऐसे करीब एक दर्जन घातक आवारा कुत्तों को पकड़वाकर शहर के बाहर छुड़वाया गया लेकिन राजनीति के चलते एक ओर नियम -अधिनियम का हवाला देते हुए नपा सीएमओ को धमकी दी गई थी कि पुनः कुत्तों को वापस लाकर शहर में छोड़ा जाए अन्यथा आप लोगों के विरुद्ध न्यायालीन कार्रवाई की जाएगी इसके पश्चात एक महिला का मुख्य नगरपालिका अधिकारी एवं नगर पालिका परिषद अध्यक्ष के पास फोन आया और उन्होंने दोनों को धमकाते हुए 24 घंटे के अंदर वापस कुत्ते शहर में लाकर छोड़ने एवं जिनके द्वारा कुत्ते पकड़े गए हैं उन्हें बर्खास्त करने का कहते हुए उन्हें भी बर्खास्त कराने की धमकी दे डाली कि आप लोगों के खिलाफ एफआईआर करेंगे एवं न्यायालीन करवाई भी करेंगे।
उपरोक्त महिला की धमकी भरी रिकॉर्डिंग सुनने के बाद मुख्य नगरपालिका अधिकारी एवं नपाध्यक्ष के द्वारा अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है । जिस तरह से महिला ने बदतमीजी से बात की उसने महिला सशक्तिकरण की धज्जियां उड़ा डाली। ऐसा महिला सशक्तिकरण किस काम का जिसमें एक एनजीओ से जुड़ी महिला धमकी वाले लहजे में चीख चीखकर बात करती हुई सुनाई दे रही है। लेकिन नागरिकों को जब ये बात पता चली तो उन्होंने जरूर धमकी देने वाली तथा कथित पशु प्रेमियों को चेतावनी दे डाली है कि यदि उन्होंने आवारा पागल कुत्तों को वापस शहर में बुलवाया तो वे लोग जरूर ऐसे इंसानियत के दुश्मनों को बाहर का रास्ता दिखा देंगे ।
मुख्य नगरपालिका अधिकारी कृष्णकांत शर्मा का कहना है कि जो 6- 7 कुत्ते घातक हो गए थे और बच्चों व पशुओं पर प्राणघातक हमला करके गंभीर रूप से चोटिल कर रहे थे। उन्हें ही पकड़वाकर रेबीज का इंजेक्शन लगवा कर शहर के बाहर छोड़ दिया गया है।