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कुटुम्ब सीरियल का हिस्सा बनना मेरी लाइफ का टर्निंग पॉइंट था -हितेन तेजवानी टीवी एवम फिल्म अभिनेता

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सुनील सोन्हिया एवं साहिल मिश्रा द्वारा लिया गया साक्षात्कार

मैंने एकता कपूर के लिए ‛घर एक मंदिर’ शो से शुरुआत की थी फिर ‛कभी सौतन कभी सहेली’ ‛कहीं किसी रोज’ सीरियल किया। इस दौरान एकता कपूर ने मुझे ‛कुटुंब’ में काम करने का मौका दिया। एकता कपूर हमेशा देखती थी कि किस कलाकार में काम करने को लेकर पैशन है और वो उन्हें मौका देती थी। मैं एकता कपूर और बालाजी टेलीफिल्म्स का शुक्रगुजार रहूंगा कि उन्होंने मुझे अपने इतने सारे हिट शोज का हिस्सा बनाया।एकता कपूर ने मुझे जो पहला शो दिया था वहीं से मेरे एक्टिंग करियर की शुरुआत हो गई थी लेकिन कुटुम्ब सीरियल का हिस्सा बनना मेरी लाइफ का टर्निंग पॉइंट था क्योंकि उस सीरियल के जरिए मैं घर घर तक पहुंच गया था। यह कहना है ‛कुटुंब’ ‛कभी सौतन कभी सहेली’ ‛क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ ‛काव्यांजलि’ ‛पवित्र रिश्ता’ जैसे लोकप्रिय सीरियल और ‛जॉगर्स पार्क’ ‛कृष्णा कॉटेज’ ‛अनवर’ ‛एंटरटेनमेंट’ और कलंक जैसी फिल्मों में अपने अभिनय का जलवा दिखा चुके हितेन तेजवानी का। वह भोपाल में अपने अपकमिंग प्रोजेक्ट की शूटिंग के लिए पहुंचे थे। अभिनेता हितेन तेजवानी से सुनील सोन्हिया एवम साहिल मिश्रा से खास बातचीत में उन्होंने अपने अभिनय का सफर साझा किया।


ओटीटी प्लेटफॉर्म कलाकारों के लिए वरदा

टेलीविजन में हमें सेट पर जाकर ही पता होता है कि आज हमें क्या सीन करना है लेकिन वेबसीरीज और फिल्मों में यह फायदा होता है कि आपके पास स्टोरी स्टार्ट टू एंड होती है आपको आपके कैरेक्टर की जर्नी पता होती है तो आप अपने कैरेक्टर के लिए मेंटली प्रिपेयर हो सकते हैं
ओट के आने के बाद सबसे बड़ा बदलाव यह आया है की रियल लोकेशंस पर शूट हो रहे हैं जैसे मध्य प्रदेश की कहानी हो तो उसे हम शूट करने मध्य प्रदेश आए हैं उससे लोग ज्यादा कनेक्ट होते हैं अच्छे एक्टर्स के लिए ओटीटी प्लेटफार्म एक वरदान है ओटीटी पर कलाकारों के लिए काम ही काम है और यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जिसे आप कभी भी, कहीं भी देख सकते हैं।

मेरी कोशिश रहती है कैरेक्टर को सेट पर ही छोड़कर आऊं

मेरी एक्टिंग के करियर की शुरुआत बाकी दूसरे एक्टरों की तरह ही हुई।जब मैंने ऑडिशन देना शुरू किये उस जमाने में ऑडिशन के लिए लोगों की घंटों लाइन लगी रहती थी लेकिन भगवान के आशीर्वाद से मुझे एक के बाद एक प्रोजेक्ट मिलते गए और मैं आगे बढ़ता गया। मैं एक समय पर तीन-तीन शो करता रहा हूं जिससे मुझे प्रैक्टिस हो गई और मेरे लिए अलग-अलग किरदार करना आसान रहा। मेरी यही कोशिश रहती है कि मैं जो करता हूं उस कैरेक्टर को सेट पर छोड़कर ही आऊं। अभी तक मुझे ऐसा कोई किरदार करने में दिक्कत नहीं हुई जिसे निकालने में मुझे काफी वक्त लगा हो।

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