धान तो धान अब सरकारी खाद में भी फर्जीवाड़ा, धोखे से चढ़ा दिया किसानों पर लाखों का कर्ज, उच्च अधिकारियों ने दिए जांच के आदेश
जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर में धान तो धान अब किसानों को मिलने वाली सरकारी खाद में भी फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। मामला जबलपुर के कटंगी सहकारी साख समिति का है जहां समिति प्रबंधक ने किसानों के साथ धोखाधड़ी कर खाद निकाल ली और किसानों पर लाखों का कर्ज सरकारी रिकॉर्ड में चढ़ा दिया गया।
जबलपुर में इन दिनों धान खरीदी फर्जीवाड़े का मामला चर्चाओं में हैं जहां वेयर हाउस संचालकों और जिम्मेदार अधिकारियों की सांठ गांठ से बड़े स्तर पर धान खरीदी में फर्जीवाड़ा हुआ था और इस मामले में जिले के सात अधिकारियों को सस्पेंड किया गया था। धान खरीदी फर्जीवाड़ा मामला सुलझ भी नहीं पाया कि अब सहकारी समिति प्रबंधक के द्वारा किसानों के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। कटंगी सहकारी साख समिति के प्रबंधक सुनील साहू द्वारा दर्जनों किसानों के साथ धोखाधड़ी कर उनके नाम से खाद और गेंहू निकाल कर मार्केट में बेच दिया और इसका कर्जा किसानों के नाम पर चढ़ा दिया गया और फर्जीवाड़े की पराकाष्ठा तो तब तो तब गई जब समिति प्रबंधक द्वारा ग्राम कांटी के मृत किसान हुकुम सेन के नाम से भी खाद निकाल कर बेचने की बात सामने आई।
इस तरह के फर्जीवाड़े की जानकारी जब किसानों को लगी तो किसान एक साथ प्रबंधक सुनील साहू के पास पहुंचे और शिकायत की बात कही। मामले को तूल पकड़ता देख समिति प्रबंधक ने कुछ किसानों के पैसे वापिस कर सहकारी बैंक में जमा करवा दिए लेकिन कुछ किसान कार्यवाही पर अड़े रहे और उन्होंने पूरे मामले की शिकायत कलेक्टर कार्यालय में जनसुनवाई के माध्यम से की है।
किसानों की शिकायत पर जांच अधिकारी नियुक्त कर मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। एग्रीकल्चर की एसडीओ इंदिरा त्रिपाठी द्वारा इस फर्जीवाड़े की जांच की जा रही है। तो अब जबलपुर के नवागत कलेक्टर दीपक सक्सेना ने भी किसानों के साथ हुए फर्जीवाड़े के मामले को संज्ञान में लेने के बाद सिर्फ कटंगी ही नहीं बल्कि सभी सहकारी साख समितियों में इस तरह के फर्जीवाड़े की जांच की बात कही है।
किसानों को सरकार की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ दिलाने की जगह किसानों के साथ इस तरह की धोखाधड़ी यह बताती है कि सहकारिता विभाग में भ्रष्टाचार को जड़ें कितनी गहरी हैं और यह मामला गंभीर इसलिए भी हो जाता है। क्योंकि कटंगी समिति के प्रबंधक सुनील साहू पर इस तरह के आरोप पहले भी लग चुके हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले पर क्या कार्यवाही करता है।