मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
रायसेन जिले के दीवानगंज गांव के रेलवे स्टेशन पर 24 घंटे में मात्र एक ही ट्रेन रूकती है जबकि इस रूट पर कई सैकड़ो गाड़ियां निकलती है दीवानगंज के आसपास के 30 गांव के ग्रामीण इसी रेलवे स्टेशन का उपयोग करते हैं मगर यहां ट्रेन नहीं रुकने के कारण 30 गांव के ग्रामीण तीन किलोमीटर चक्कर लगाकर फैक्ट्री चौराहे दीवानगंज पर पहुंचते हैं इसके बाद बसों द्वारा भोपाल, विदिशा, रायसेन, सांची यदि के लिए पहुंचते हैं कोरोना काल से पहले रेलवे स्टेशन दीवानगंज पर भोपाल बिलासपुर, नागपुर झांसी पैसेंजर,जोधपुर भोपाल , बीना भोपाल पैसेंजर यदि गाड़ियों का स्टॉपेज था मगर इसके बाद इन सभी गाड़ियों को बंद कर मात्र मेमो ट्रेन का ही स्टॉपेज रख दिया गया मेमो ट्रेन भोपाल से सुबह 8:30 बजे विदिशा के लिए रूकती है जबकि मेमो ट्रेन लौटते समय 7 बजे शाम को भोपाल के लिए रूकती है इसके बीच में कोई भी ट्रेन यात्रा के लिए दीवानगंज रेलवे स्टेशन पर नहीं रुकती है दीवानगंज रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का स्टॉपेज नहीं होने के कारण ग्रामीण 2 साल से परेशान हो रहे हैं ग्रामीणों को कहना है कि दीवानगंज रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का स्टॉपेज होना जरूरी है क्योंकि इसी रूट से ज्यादातर ग्रामीण भोपाल विदिशा सांची रायसेन आना-जाना करते हैं कुछ महीने पहले रेलवे स्टेशन पर रहने वाले ग्रामीणों ने रेलवे विभाग से ट्रेनों को स्टॉपेज के लिए मांग की थी मगर अभी तक रेलवे विभाग ने इस पर ध्यान नहीं दिया है ग्रामीणों का कहना है कि रेलवे विभाग अगर इस तरह से उदासीन बना रहेगा तो आने वाले समय में हम सब इसके लिए आंदोलन करेंगे
क्या कहते हे ग्रामीण
कोरोना काल से पहले दीवानगंज रेलवे स्टेशन पर चार ट्रेनों का स्टॉपेज था मगर बाद में रेलवे विभाग ने सभी ट्रेनों को बंद कर मेमो ट्रेन का संचालन शुरू कर दिया जो 24 घंटे में एक ही बार आने-जाने में रूकती है
-मुकेश लोधी ग्राम सेमरा रेलवे स्टेशन
मेरा एलआईसी का काम है मैं रोज 3 किलोमीटर चक्कर लगाकर फैक्ट्री चौराहा दीवानगंज पर पहुंचता हूं वहां से भोपाल, विदिशा, सांची जाना हो पता है अगर दीवानगंज रेलवे स्टेशन पर ही गाड़ियों का स्टॉपेज शुरू हो जाए तो कई ग्रामीणों को इसकी सुविधा मिल जाएगी ।
हेमंत लोधी ग्राम सेमरा रेलवे स्टेशन