धीरज जॉनसन दमोह
दमोह जिले के अधिकांश विभागों में अगर गहराई से अध्ययन किया जाए तो भ्रष्टाचार के मामले सामने आ सकते है। मनरेगा में भी सरकारी राशि के बंदरबांट सामने आते रहे है।
जिले की बटियागढ़ जनपद पंचायत में भी विकास,कागजों में ज्यादा देखने मिलता है। इस जनपद की शहजादपुरा पंचायत ने अपने कार्यक्षेत्र से हटकर बटियागढ़ ग्राम पंचायत में भवनों की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया, जिसमें भी भ्रष्टाचार सामने आया। एक भवन की मरम्मत के लिए दो जगह से पैसे स्वीकृत और जिला पंचायत से इस घोटाले के लिए समय समय पर स्वीकृति मिलती रही। इन भवनों के मरम्मत कार्य में एक किलोमीटर से कम दूरी से रेत का परिवहन के किराए के रूप में पचास हजार का भुगतान की जानकारी भी सामने आई।
शहजादपुरा ग्राम पंचायत ने बटियागढ़ ग्राम पंचायत के जनपद पंचायत भवन में मीटिंग हॉल एवं कमरों की छत का निर्माण कार्य किया, जो जनपद स्तर मद से 7 लाख 75 हजार से स्वीकृत हुआ जिसकी प्रशासकीय स्वीकृति 12 दिसंबर 2022 को जिला पंचायत सीईओ से हुई।
इसी तरह अन्य मद से करीब दस लाख रुपए से जनपद पंचायत भवन मरम्मत कार्य पार्ट–1 किया गया, जिसकी प्रशासकीय स्वीकृत 23 जून 2023 को जिला पंचायत सीईओ से हुई। इसी तरह जनपद पंचायत भवन मरम्मत कार्य पार्ट–2 भी किया गया, जिसकी प्रशासकीय स्वीकृति भी 23 जून 2023 को ही जिला पंचायत सीईओ ने की, यह कार्य भी 9 लाख रुपए से अधिक का स्वीकृत हुआ,बताया जा रहा है कि मनरेगा भवन की मरम्मत में ही शहजादपुरा ने लाखों रुपए खर्च कर दिए।
शहजादपुरा ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि करीब 28 लाख से हुए इन मरम्मत कार्यों में जो रेत लगाई गई वह निर्माण स्थल से 500 मीटर की दूरी से बुलवाई गई जिसका किराया ही 50 हजार रुपए प्रति ट्रक दिया गया है तो वही दूसरे बिल में निर्माण स्थल से कुछ ही दूरी पर स्थित फुटेराकला गांव से 49 हजार 500 रुपए रेत के परिवहन पर खर्च किए गए, एक ट्रक रेत का किराया 50 हजार रुपए लेने वाली फर्म के प्रोपाइटर को भनक ही नही कि उन्होंने रेत भी बेची है, उनके पास तो खनिज स्टॉक या बेचने का लाइसेंस भी नही है! खास बात यह है कि ग्राम पंचायत शहजादपुरा में सरपंच जिला पंचायत उपाध्यक्ष के देवर और कांग्रेस नेता धर्मेंद्र कटारे के भाई है, आरोप है कि इस गड़बड़ी का समर्थन जनपद स्तर से हो रहा है।