देवेश पाण्डेय सिलवानी रायसेन
मां बिजासन मंदिर में चल रही संगीतमय श्रीमद् भागवत महापुराण कथा में कथा व्यास अभिषेक शास्त्री ने बताया कि किस तरह अपने बच्चों के नाम रखना चाहिए, एक अजामिल नाम के ब्राह्मण थे जो बचपन से ही भगवान का पूजन पाठ करते थे आगे चलकर के अजामिल को एक स्त्री से प्रेम हो गए और उन्होंने उस स्त्री से विवाह कर लिया उस स्त्री के कहने पर अजामिल ने पूजन पाठ करना बंद कर दिया।

इसके बाद में उसने चोरी करना प्रारंभ कर दिया तब कुछ संत उनके यहां पर भिक्षा मांगने आते हैं और अजामिल से कहते हैं कि तुम अपने छोटे पुत्र का नाम नारायण रखना, संतो के कहने पर अजामिल ने आपने पुत्र का नाम नारायण रखा आगे चल करके जब यम के दूत अजामिल को लेने आए तो अजामिल ने अंत समय में अपने पुत्र नारायण को पुकारा, उसके पुत्र ने तो नहीं सुना परंतु भगवान नारायण के पार्षद वहां पर आ गए यम के दूधों को वहां से मारकर भगाया और अजामिल की रक्षा की।
कथा व्यास पंडित अभिषेक शास्त्री ने बताया है अपने पुत्रों के नाम भगवान के नाम से मिलते जुलते हुए रखना चाहिए कथा व्यास पंडित अभिषेक शास्त्री ने भगवान के जन्म की कथा सुनाई और बहुत धूमधाम से भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया।