एमपी टुडे की खबर का असर ::हाइवे पर गड्ढों से हादसों के बाद जागा एमपी आरडीसी; हाईवे-18 पर शुरू हुआ गड्ढे भरने का काम
तीन दिन में एक ही गड्ढे में चार बाइक चालक हुए हादसे का शिकार, सागर ठाकुर के पैर में फ्रैक्चर
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
भोपाल-विदिशा हाईवे-18 पर बालमपुर घाटी से त्रिमूर्ति चौराहे तक सड़क पर बने गहरे और चौड़े गड्ढे लंबे समय से वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बने हुए थे। करीब 150 से अधिक गड्ढों के चलते आए दिन बाइक चालक अनियंत्रित होकर हादसे का शिकार हो रहे थे। दीवानगंज चौकी क्षेत्र में अलग-अलग गड्ढों के कारण अब तक 14 से अधिक बाइक चालकों के घायल होने की बात सामने आई है।
सबसे ज्यादा खतरनाक स्थिति कुलहड़िया के पास बने गड्ढे की थी। करीब दो फीट गहरे और डेढ़ फीट चौड़े इस गड्ढे में शनिवार देर रात बाइक का पहिया आने से चालक सागर ठाकुर अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गए। हादसे में उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया।

ग्रामीणों ने पहले ही लगाए थे पत्थर और कांटे
हादसे वाले गड्ढे को लेकर ग्रामीण और राहगीर पहले से ही सतर्क थे। उन्होंने गड्ढे के आसपास पत्थर रखकर उसमें कांटे तक डाल दिए थे, ताकि वाहन चालक दूर से खतरा देखकर अपनी रफ्तार कम कर सकें।
बताया गया कि एमपी आरडीसी द्वारा करीब दो दिन पहले इस गड्ढे में मुरम डालकर इसे भर दिया गया था, लेकिन बारिश और लगातार वाहनों की आवाजाही के कारण गड्ढा दोबारा उभर आया। इसके बाद एक बार फिर हादसा हो गया।
स्थानीय लोगों पवन प्रजापति, सुरेंद्र सिंह नायक और दीपक नायक के अनुसार इसी गड्ढे में पिछले तीन दिनों में चार बाइक चालक गिरकर घायल हो चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे स्वयं भी कई बार यहां हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बचे हैं।

एमपी टुडे की खबर का असर, सोमवार से शुरू हुआ काम
हाईवे पर गड्ढों और लगातार हो रहे हादसों को लेकर एमपी टुडे ने तीन दिन पहले शुक्रवार को प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद सोमवार को इसका असर दिखाई दिया। एमपी आरडीसी के कर्मचारी हाईवे पर पहुंचे और गड्ढों को भरने का काम शुरू किया।
कई स्थानों पर गड्ढों में पेवर ब्लॉक लगाए जा रहे हैं, जबकि अन्य स्थानों पर गड्ढों को भरने का काम किया जा रहा है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद है।
राहगीरों ने कहा- अधूरे तरीके से गड्ढे भरने से फिर बढ़ेगी परेशानी
राहगीर जवाहरलाल जैन ने कहा कि एमपी आरडीसी के कर्मचारी कई गड्ढों को छोड़-छोड़कर भर रहे हैं। जो गड्ढे छोड़ दिए जाते हैं, वे तीन-चार दिन बाद और बड़े हो जाते हैं और फिर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने मांग की कि कर्मचारियों को एक तरफ से पूरे सड़क मार्ग के सभी गड्ढों को भरना चाहिए।
वहीं राहगीर अवि जैन ने बताया कि हाईवे-18 पर कई जगह एक से डेढ़ फीट तक चौड़े और करीब 8 से 10 इंच गहरे गड्ढे बने हुए हैं। बारिश के दौरान इनमें पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता और वाहन चालक हादसे का शिकार हो जाते हैं।

स्थायी मरम्मत की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में केवल मुरम डालकर गड्ढे भरने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। पानी और वाहनों की आवाजाही के कारण गड्ढे फिर उभर सकते हैं। ग्रामीणों ने हाईवे के क्षतिग्रस्त हिस्सों की स्थायी मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि वाहन चालकों को राहत मिले और लगातार हो रहे हादसों पर रोक लग सके।