भोपाल किसान आंदोलन में शामिल होने जा रहे किसान नेताओं को प्रशासन ने किया नजरबंद, शाम को पहुंचे प्रदर्शन में
सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर विभिन्न मांगों को लेकर भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास के घेराव में शामिल होने जा रहे क्रांतिकारी किसान संगठन (मध्य भारत) के नेताओं और किसानों को मंगलवार को गैरतगंज प्रशासन ने एसडीएम कार्यालय में नजरबंद कर दिया। संगठन ने इसे किसानों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए प्रशासन के रवैये का विरोध किया।
संगठन के अनुसार मंगलवार सुबह गैरतगंज से करीब 40 किसान नेता और कार्यकर्ता शांतिपूर्ण ढंग से पैदल मार्च के लिए रवाना होने वाले थे। इसी दौरान प्रशासन ने उन्हें रोककर एसडीएम कार्यालय में बैठा लिया, जहां दोपहर लगभग 3 बजे तक उन्हें रोके रखा गया। इस दौरान राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।

क्रांतिकारी किसान संगठन के प्रमुख मुकेश धाकड़ ने आरोप लगाया कि किसान अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन में शामिल होने जा रहे थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें जबरन नजरबंद कर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को आंदोलन करने का भी अधिकार नहीं दिया जा रहा है और प्रशासन शासन के दबाव में कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में किसान अनेक समस्याओं से जूझ रहा है, फिर भी उसकी आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
हालांकि, बाद में किसानों को छोड़े जाने के बाद दर्जनों किसान शाम तक भोपाल पहुंच गए और संयुक्त किसान मोर्चा के आंदोलन में शामिल हुए।
इस दौरान मुकेश धाकड़, हेमंत गुर्जर, महेश यादव, गोविंद सिंह, राजेश ठाकुर, राहुल गौर, गिरजा शंकर, गुड्डू पाल, जीवन धाकड़, धर्मेंद्र राय, देवेंद्र धाकड़, द्वारका धाकड़, सौरभ ठाकुर सहित अन्य किसान मौजूद रहे।