हाईवे-18 फिर बना मौत का मार्ग, एंबुलेंस से टकराकर पलटी बोलेरो पिकअप, दो घायल, 2 दिन में तीन बड़े हाधसे
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
भोपाल-विदिशा हाईवे-18 पर सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात बालमपुर के पास स्थित चंद्र गार्डन के समीप एक बोलेरो पिकअप एंबुलेंस से टकराकर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। हादसे में पिकअप चालक और क्लीनर को मामूली चोटें आई हैं, जबकि एंबुलेंस भी क्षतिग्रस्त हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बोलेरो पिकअप क्रमांक एमपी 41 जेडजे 6210 मनावर से मछली लेकर बिहार जा रही थी। रात करीब 1 बजे जब वाहन बालमपुर के पास चंद्र गार्डन के समीप पहुंचा, तभी आगे चल रही दो एंबुलेंस में से एक एंबुलेंस क्रमांक सीजी 04 एनएस 2867 के चालक ने अचानक वाहन को गलत दिशा में मोड़ दिया।जिससे पीछे से आ रही बोलेरो पिकअप एंबुलेंस से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि पिकअप अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गई और पलट गई। बोलोरो पिकअप में मछली से भरे हुए कार्टून रोड किनारे बिखर गए।

हादसे में चालक रवि सिंह निवासी नहार गुदरा तथा क्लीनर को मामूली चोटें आईं। वहीं एंबुलेंस का साइड और पिछला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि दुर्घटना के समय एम्बुलेंसम कोई में मरीज नहीं था जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।सुबह मजदूर द्वारा कार्टूनो को रोड किनारे से उठाकर दूसरे वाहन से बिहार भेजा गया।
तीन किलोमीटर के दायरे में दो दिन में तीन बड़े हादसे
चिंता की बात यह है कि बालमपुर-दीवानगंज क्षेत्र के करीब तीन किलोमीटर के दायरे में पिछले दो दिनों के भीतर यह तीसरा बड़ा सड़क हादसा है। एक दिन पहले ही ट्रक, ऑटो और बस की भिड़ंत में दो लोग घायल हुए थे। लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने हाईवे-18 की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
18 महीने में 200 से ज्यादा हादसे, 38 लोगों की मौत
स्थानीय लोगों के अनुसार भोपाल-विदिशा हाईवे-18 पर पिछले 18 महीनों में 200 से अधिक सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें 38 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 200 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इसके बावजूद हाईवे को फोरलेन किए जाने की मांग वर्षों से लंबित है।

ग्रामीणों में बढ़ रहा आक्रोश
क्षेत्र के 100 से अधिक गांवों के ग्रामीण लंबे समय से हाईवे-18 को फोरलेन बनाने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रोजाना हजारों भारी और व्यावसायिक वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं तथा उनसे लाखों रुपये का टैक्स भी वसूला जाता है, लेकिन सड़क चौड़ीकरण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते हाईवे को फोरलेन नहीं किया गया तो दुर्घटनाओं का यह सिलसिला और भी भयावह रूप ले सकता है।
ग्रामीणों ने शासन और संबंधित विभागों से हाईवे-18 को शीघ्र फोरलेन करने, ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने तथा हादसों की रोकथाम के लिए ठोस कार्रवाई की मांग की है।