पिछोर से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी का बयान: डकैत रामबाबू गडरिया को बताया दोस्त, तस्वीर पर किया माल्यार्पण
– विधायक प्रीतम लोधी फिर चर्चाओं में: मंच से डकैत रामबाबू गडरिया को बताया सुख-दुख का साथी
रंजीत गुप्ता शिवपुरी
शिवपुरी जिले के पिछोर से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में आ गए हैं। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने ग्वालियर-चंबल संभाग के कुख्यात डकैत रामबाबू गडरिया को अपना दोस्त बताया और उसकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित किए।
उन्होंने कहा, “रामबाबू की परिस्थितियों को मैं अच्छी तरह जानता था-
पिछोर में पाल-बघेल समाज के कार्यक्रम में हजारों लोगों को संबोधित करते हुए विधायक लोधी ने कहा कि वे और रामबाबू एक-दूसरे के सुख-दुख के साथी थे। उन्होंने कहा, “रामबाबू की परिस्थितियों को मैं अच्छी तरह जानता था। समाज के कुछ लोगों ने उसे इतना प्रताड़ित किया कि वह डकैत बनने पर मजबूर हो गया। अन्यथा रामबाबू ऐसा व्यक्ति नहीं था, जो डकैत बनता।”
पांच हजार लोगों के साथ कमिश्नरी का घेराव किया था-
विधायक ने मंच से कहा कि एक बहन पर हुए अत्याचार के समय उन्होंने आवाज उठाई थी और पांच हजार लोगों के साथ कमिश्नरी का घेराव किया था। उन्होंने सवाल उठाया, “उस दौर में लोगों को सिर्फ इतना दिखाई देता था कि एक गुंडा एक डकैत का सहयोग कर रहा है, लेकिन क्या डकैत और गुंडे इंसान नहीं होते?”
डकैत से मुलाकातों का कभी जिक्र किया-
प्रीतम लोधी ने डकैत से मुलाकातों का जिक्र करते हुए कहा, “मुझे उसकी जेल से लेकर जंगल तक की एक-एक बात याद है। हमारी मुलाकात जेल में भी हुई थी और जंगल में भी हुई थी। मैं स्वयं को सौभाग्यशाली मानता हूं कि रामबाबू गड़रिया की तस्वीर पर माल्यार्पण करने का अवसर मिला।” उन्होंने शपथ लेते हुए कहा कि जिस तरह उन्होंने रामबाबू के परिवार का साथ दिया, उसी तरह पाल-बघेल समाज का भी साथ देंगे। कार्यक्रम में लोकगायक मनोज बघेल भी मौजूद रहे।
अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहते हैं विधायक-
प्रीतम लोधी पहले भी बयानों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। कुछ दिन पहले उन्होंने करैरा के SDOP डॉ. आयुष जाखड़ पर विवादित टिप्पणी की थी। विधायक के ताजा बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।