भोपाल । मध्यप्रदेश में कुपोषण को नियंत्रित करने और बेहतर स्वास्थ्य के लिए रोजगार बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य करने का संकल्प लिया गया है । यह संकल्प बाबूलाल गौर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय भेल एवं इंडियन एसोसिएशन फॉर पैरेंटरल एंड एनटरल न्यूट्रीशन के बीच हाल ही में संपन्न एमओयू में लिया गया ।
महाविद्यालय की क्लिनिकल न्यूट्रीशन विभाग की विभागाध्यक्ष डॉक्टर मीता बादल ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि आईएपीईएन देश की जानी मानी गैर लाभकारी संस्था है। यह संस्था देश भर में कुपोषण समाप्त करने और समाज में इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में काम करती है ।इसमें सरकारी और ग़ैर सरकारी शिक्षण संस्थाएं भी सहयोग करती हैं ।इसी कड़ी में बाबूलाल गौर महाविद्यालय के छात्रों को भी खास प्रशिक्षण दिया जाएगा ।
आईएपीइएन इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री शिव शंकर ने इस अवसर पर आयोजित समारोह में अपने पूरे सहयोग का वादा किया।प्राचार्य डॉक्टर संजय जैन ने कहा कि कुपोषण की समाप्ति की दिशा में दो शिखर संस्थाओं के बीच यह समझौता महत्वपूर्ण होगा। दरअसल पोषण प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है ।खासतौर पर बच्चों के खानपान और उसकी देखभाल का महत्व समाज को समझाना अत्यंत आवश्यक है। इस एमओयू का एक उद्देश्य उत्कृष्टता, अनुसंधान, प्रशिक्षण क्षमता एवं व्यावसायिक विकास को प्रोत्साहित करना भी है। इससे रोजगार की संभावनाएं भी मजबूत होंगीं।
आइएपीईएन की मध्यप्रदेश चैप्टर की अध्यक्ष पोषण विशेषज्ञ डॉ. रत्ना मुले ,सचिव श्रीमती अन्नपूर्णा भटनागर , उपाध्यक्ष श्रीमती रश्मि श्रीवास्तव,सुश्री दीप्ति श्रीवास्तव,कोषाध्यक्ष,सुश्री इस्मत अख्तर, कार्यकारी सदस्य तथा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर संजय जैन और क्लिनिकल न्यूट्रीशन विभाग की विभागाध्यक्ष डॉक्टर मीता बादल उपस्थित थे।