– एसडीएम एवं कृषि विभाग के अधिकारियों ने दी आधुनिक खेती की सलाह
– राष्ट्रीय किसान सम्मेलन में शामिल होने की अपील
सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
जिले की गैरतगंज तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत गढ़ी में बुधवार को कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, जैविक खेती तथा शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के तरीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही रायसेन में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय किसान सम्मेलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की गई।
ग्राम पंचायत गढ़ी के सभागार में आयोजित इस संगोष्ठी की अध्यक्षता अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) आईएएस श्री अंकित जैन ने की। इस अवसर पर कृषि विभाग के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी गोविंद नामदेव ने किसानों को विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी देते हुए उनका लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।

अपने संबोधन में एसडीएम अंकित जैन ने बताया कि भारत सरकार के केंद्रीय कृषि मंत्री के मार्गदर्शन में 11, 12 एवं 13 अप्रैल को रायसेन में तीन दिवसीय राष्ट्रीय किसान सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे बड़े सम्मेलन सामान्यतः महानगरों में होते हैं, लेकिन इस बार रायसेन को यह अवसर मिला है, जो जिले के लिए गौरव की बात है। सम्मेलन में देशभर के कृषि वैज्ञानिक, केंद्रीय मंत्रीगण एवं जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर नवीन कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त करें।

एसडीएम ने किसानों को नरवाई में आग न लगाने की समझाइश देते हुए पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया। साथ ही गढ़ी में पेयजल समस्या के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया तथा जल संवर्धन अभियान के तहत तालाबों की सफाई और गहरीकरण में जनसहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में ग्राम पंचायत गढ़ी के सरपंच सैयद मसूद अली पटेल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर उपसरपंच बृजेश जाटव, जनपद सदस्य प्रतिनिधि रिजवान खान, पूर्व सरपंच भागचंद चौरसिया, पूर्व जनपद सदस्य खेमचंद चौरसिया, गोशाला समिति अध्यक्ष इन्द्रेश दीक्षित, डॉ. सुनील मालवीय, ऋषभ जैन, भगवान सिंह लोधी (सरपंच, रसीदपुर), शरद शर्मा, प्रबंधक कैलाश तिवारी, ग्राम सेवक वरुण अहिरवार, सचिव अभय सिंह गुर्जर, सह सचिव बृजमोहन जाटव सहित बड़ी संख्या में किसान एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
संगोष्ठी में किसानों को आधुनिक खेती, जैविक पद्धतियों एवं शासकीय योजनाओं की जानकारी देकर जागरूक किया गया।