सत्यवन गोस्वामी सुल्तानगंज रायसेन
रायसेन जिले में पशुपालकों को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से पशुपालन विभाग द्वारा दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान का द्वितीय चरण 17 दिसंबर से प्रारंभ किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत विभागीय टीम गांव-गांव पहुंचकर पशुपालकों को वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन अपनाने के लिए जागरूक कर रही है।
अभियान का आधार तीन प्रमुख मंत्रों पर केंद्रित है। पहला मंत्र नस्ल सुधार है, जिसके तहत देशी गाय एवं भैंसों में उन्नत नस्ल के बीजों से कृत्रिम गर्भाधान कराया जा रहा है। सेक्स स्ट्रैंड सीमन तकनीक के माध्यम से अब गाय में बछिया और भैंस में पढ़िया के जन्म को प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे भविष्य में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होगी।
दूसरा मंत्र पशु पोषण है। इस दौरान पशुपालकों को संतुलित आहार, हरा चारा एवं खनिज मिश्रण के उपयोग की जानकारी दी जा रही है। वहीं तीसरा मंत्र पशु स्वास्थ्य से जुड़ा है, जिसमें गलघोंटू, एक टांगिया लंगड़ा एवं खुरपका-मुंहपका जैसी बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण की सलाह दी जा रही है।
डॉ. जयशंकर पाल एवं लक्ष्मी प्रसाद रैकवार सहित विभागीय टीम ने सुल्तानगंज क्षेत्र के मढिया गुसाई, बेरसला सहित कई गांवों में पहुंचकर पशुपालकों को जागरूक किया। अभियान से पशुपालकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।