डाइट परिसर में 15 दिसंबर से चल रहा सृजन शिविर
रायसेन। सृजन के सातवें दिन एडिशनल एसपी कमलेश कुमार खरपुसे ने बच्चों के साथ संवाद किया। उन्होंने नशे से दूरी बनाए रखने और समाज में अनुशासन व कानून व्यवस्था स्थापित करने पर जोर दिया। एएसपी ने स्पष्ट कहा कि नशा एक बड़ा खतरा है, जो आदर्श समाज की नींव को कमजोर करता है। इसलिए, नशे से दूरी बनाना हर नागरिक के लिए जरूरी है।
जानकारी देते हुए के के एस एस के जिला समन्वयक अनिल भवरे ने बताया कि यह आयोजन पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपुसे के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है। सृजन कार्यक्रम 15 दिसंबर से डाइट परिसर में चल रहा है, जहां प्रतिदिन अलग-अलग विभागों से आए अतिथि बच्चों को एक घंटे मोटिवेशनल जानकारी देते हैं। इसके बाद एक घंटे स्व-रक्षा (सिल्फ डिफेंस) की ट्रेनिंग दी जाती है। सृजन शिविर के जरिए बच्चों को अनुशासित और जागरूक नागरिक बनाने का लक्ष्य है।

इस अवसर पर एएसपी खरपुसे ने बताया कि पुलिस भी समाज का अभिन्न अंग है। संविधान द्वारा उसे कानून का पालन कराने के विशेष अधिकार दिए गए हैं। लेकिन कानून व्यवस्था बनाए रखना केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं—समुदाय की सक्रिय सहभागिता भी आवश्यक है। उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे समाज को नशामुक्त और अनुशासित बनाने में पुलिस का साथ दें।इस संवाद से बच्चों में उत्साह दिखा। एएसपी ने कहा, “एक नशामुक्त समाज ही सच्चा आदर्श समाज है।”

इस अवसर पर साइबर टीम के सूबेदार सुरेंद्र सिंह ने पावरप्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से बच्चों को साइबर अपराध से बचने मोबाइल और इंटरनेट का सही इस्तेमाल करने के तरीके बताए। खेल विभाग से मीना रैकवार ने बच्चों को जुंबा पीटी और सेल्फ डिफेंस के तरीके बताये।
आयोजन में मंगलवार को बाल कल्याण समिति अध्यक्ष आदित्य चावला बच्चों के अधिकार मानव अधिकार और पोक्सो एक्ट के संदर्भ में जानकारी साझा करेंगे।