हफ्ते में दो बार डायलिसिस के लिए भोपाल जाना पड़ रहा
आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण किडनी नहीं बदलवा सकता परिवार
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सांची विकासखंड के अंतर्गत आने वाले दीवानगंज निवासी राजेश शाक्या उर्फ अन्ना के 20 वर्षीय पुत्र लोकेश शाक्या की किडनी फेल हो जाने के कारण भोपाल के पिपलानी चौराहे पर स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज कराया जा रहा है। लोकेश शाक्या के पिता अत्यंत ही गरीब हैं। मेहनत मजदूरी कर अपने घर का खर्चा चला रहे हैं। परिवार में पत्नी दो पुत्री और एक लोता पुत्र लोकेश शाक्या ही है।अपने इकलोते पुत्र की दोनों किडनी फेल हो जाने के कारण पूरा घर परेशान रहता है।दो साल पहले तबीयत खराब होने के कारण दोनों किडनी खराब हो गई है।
लोकेश शाक्या के पिता ने बताया कि पुत्र की दोनों किडनी पूरी तरह से खराब हो चुकी है। इसके इलाज के लिए पैसा नहीं है। जिससे हम अपने इकलोते पुत्र का इलाज करवा सकें।
दोनों किडनी फेल होने के कारण, युवक को दो साल से हफ्ते में दो बार डायलिसिस कराने के लिए भोपाल बस द्वारा जाना पड़ रहा है। लोकेश ने बताया कि बस से जाने में काफी दिक्कत होती है दीवानगंज से भोपाल तक बस द्वारा जाना पड़ता है। बस स्टैंड से मिनी बस से पिपलानी तक जाना होता है जिससे मेरे को काफी तकलीफ होती है। हर बार डायलिसिस के बाद थकावट और दर्द बढ़ जाता है, फिर भी जिंदगी बचाने के लिए यह सफर जारी रखना पड़ता है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और समाजसेवियों से मदद की अपील की है ताकि युवक को बेहतर इलाज मिल सके।
लोकेश की माता अपनी एक किडनी देने को तैयार है। लेकिन किडनी की बढ़ती लागत के कारण वह ऐसा नहीं कर पा रही है। डॉक्टर ने किडनी ट्रांसप्लांट में 18 से 20 लाख रुपए का खर्चा बताया है। इतनी रकम हम कहा से लेकर आए। पहले ही हम 8 से 10 लाख रुपए अपने बच्चे के इलाज पर खर्च कर चुके हैं। अब तो हमारे पास बस का किराए तक के पैसे के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। लोकेश के माता-पिता ने क्षेत्र के समाज सेवी , और क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं, क्षेत्रीय विधायक से अपने बच्चों के इलाज के लिए गुहार लगाई है। ताकि अपने एक लोते पुत्र का इलाज करवा सकें।