भोपाल।मध्यप्रदेश क़े सरकारी कॉलेजों में रिक्त पदों क़े विरुद्ध लंबे समय से कार्य करने वाले अतिथि विद्वानों ने अपने स्थाइत्व समायोजन क़े लिए फ़िर आवाज़ उठाई है।जारी प्रेस विज्ञप्ति क़े अनुसार अतिथि विद्वान महासंघ क़े प्रदेश अध्यक्ष डॉ देवराज सिंह ने कहा की आज 20-25 वर्षों से अतिथि विद्वान सेवा कर रहें है लेकिन आज भी उनका भविष्य सुरक्षित नहीं है।डॉ सिंह ने कहा की बताया की हरियाणा सरकार ने 65 वर्ष तक स्थाइत्व का नियम बनाकर विद्वानों का भविष्य सुरक्षित किया है अब मध्य प्रदेश सरकार क़ो करना चाहिए।
हजारों अतिथि विद्वान आज भी फालेन आउट होकर बेरोजगार है
बड़ी बिडंबना उच्च शिक्षा विभाग में चल रही है।नियमित नियुक्ति से आज भी लगभग हजारों अतिथि विद्वान फालेन आउट होकर घरों में बेरोजगार बैठें है।अतिथि विद्वान महासंघ क़े प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ अविनाश मिश्रा ने बयान जारी करते हुए कहा की सरकार पहली प्राथमिकता क़े साथ फालेन आउट अतिथि विद्वानों क़ो व्यवस्था में लें उसके बाद ज़ो जहां पद रिक्त है उसको पीएससी से हो रही असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती से भरे इससे अतिथि विद्वान भी प्रभावित नहीं होंगे औऱ भर्ती भी हो जाएगी।डॉ मिश्रा ने ज़ोर देकर कहा की बीच सत्र में अतिथि विद्वानों की भर्ती करना समझ से परे है अभी वैसे भी हजारों योग्य अनुभवी अतिथि विद्वान फालेन आउट होकर बेरोजगार बैठें है।