शरद शर्मा बेगमगंज रायसेन
सरकार चिंतित है कुपोषण खत्म कर स्वस्थ और शिक्षित युवा भारत के निर्माण के लिए और जिम्मेदार लापरवाह बने हुए हैं।
औपचारिक रूप से संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों पर वितरित होने वाला पोष्टिक आहार , पशुओं को खिलाया जा रहा है और कागजों में योजनाओं की सफलता धरातल पर प्रत्यक्ष रूप से योजनाओं का माखोल उड़ा रही हैं। औपचारिकता के चलते बच्चों में कुपोषण का दंश खत्म नहीं हो रहा है।

एसडीएम शौरभ मिश्रा ने कलेक्टर के निर्देशानुसार महिला एवं बाल परियोजनाधिकारी रामकुमार सोनी को साथ लेकर नगर के वार्ड क्रमांक 13 में संचालित आंगनवाड़ी केंद्र एवं सिविल अस्पताल के एनआरसी केंद्र का औचक निरीक्षण किया।
आंगनवाड़ी केंद्र 13 में एक भी बच्चा नहीं मिला और निरीक्षण की जानकारी मिलने पर कार्यकर्ता एवं सहायिका जरूर पहुंच गई थी ,जो मौके पर मौजूद मिली ।

सिविल अस्पताल में स्थित एनआरसी केंद्र में 9 कुपोषित बच्चे भर्ती मिले , जिनके न्यूट्रिशन , पोष्टिक भोजन एवं अन्य सुविधाओं के संबंध में केंद्र प्रभारी से जानकारी हासिल की। जिन्होंने अपने एनआरसी केंद्र पर मिलने वाली चिकित्सा के साथ अन्य उपयोगी योजना के संबंध में देते हुए बताया , भर्ती बच्चों का शिशु रोग विशेषज्ञ से इलाज कराने के अतिरिक्त उन्हें एवं उनकी माता को पोष्टिक आहार दिया जाता है। अब तक केंद्र में जो भी कुपोषित बच्चे आए हैं उन्हें स्वस्थ करने के बाद ही रवाना किया गया है और जो आ रहे हैं तो उनका भी समुचित इलाज कराया जा रहा है । फिलहाल केंद्र पर 9 बच्चे भर्ती हैं। जो अब स्वस्थ हो रहे हैं।

वर्ष 2024 से 2025 तक 193 कुपोषित बच्चों को केंद्र में भर्ती कराया था , जो पूरी तरह स्वस्थ होकर गए हैं।एसडीएम ने इसके अतिरिक्त सिविल अस्पताल का भी निरीक्षण कर अस्पताल प्रबंधन को आवश्यक निर्देश दिए।
एसडीएम सौरभ मिश्रा का कहना है कि लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि सभी को पोषण आहार के साथ बेहतर इलाज मिले , वैसे भी तहसील में बहुत कम मात्रा में कुपोषण मिला है। जिसे खत्म करने की कवायद जारी है।