मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
भोपाल विदिशा हाईवे 18 पर बारिश के दिनों में मुख्य सड़क पर कई जगह खतरनाक गड्ढे हो गए हैं। इन दिनों सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे दिख रहे हैं भोपाल से लेकर सलामतपुर चौराहे तक लगभग 40 किलोमीटर हाईवे की सड़क पर जगह बड़े-बड़े गड्ढे हैं। यहां गड्ढे छोटे नहीं है बल्कि 8 से 10 इंच गहरे हैं जिसमें बस हो या ट्रक के दोनों पाइए धस जाते हैं।
कर्क रेखा दीवानगंज से लेकर भदभदा तक 50 से ज्यादा गहरे गड्ढे रोड में बन चुके हैं जो दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं इन गड्ढों में कई लोग गिरकर भी घायल हो चुके हैं।
विदिशा से सागर तक पहुंचने के लिए इसी मार्क का उपयोग किया जाता है। मगर गड्ढों ने आमजन की रहा मुश्किल कर दी है। इन गड्ढों को भरने के लिए जिम्मेदार विभाग के अधिकारियों ने अब तक कोई पहल नहीं की है। जबकि हर दिन इस मार्ग से आला अधिकारियों का आना जाना लगा रहता है। भदभदा पर टोल टैक्स स्थापित हो गया है। जो हल्के कमर्शियल वाहन से 65 रुपए खाली और भरे हुए ट्रक से 165 रुपए तो मल्टी एक्सल वाहन से 325 रुपए वसूले जा रहे हैं। इसके बावजूद भी गड्ढे नहीं भरे जा रहे हैं। इन गड्ढों में मोटरसाइकिल का पहिया पहुंच जाए तो वाहन चालक अनियमित होकर गिरकर घायल हो जाता है।

कभी-कभी तो मोटरसाइकिल वाले व्यक्ति की दुर्घटना में मौत हो जाए करती है। ऐसे में कई बार दुर्घटना बड़ा रूप भी ले लेती है। बारिश को बीते लगभग 3 महीने होने को आए अभी तक 40 किलोमीटर रोड के गड्डे एमपीआरडीसी द्वारा नहीं भरे गए हैं। जिनका जिनका खामियाजा रहागिर भुगत रहे हैं फोर व्हीलर गाड़ी हो या टू व्हीलर गाड़ी वाला हो गड्ढा बचाने के चक्कर में एक दूसरे से भिड़ जाते हैं। इन्हीं गड्ढों के कारण तीन दिन पहले फोर व्हीलर वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हुआ था। जबकि सलामतपुर से लेकर विदिशा तक नया हाईवे बन गया है लेकिन सलामतपुर से भोपाल तक हाईवे में इतने गड्ढे हो गए हैं कि फोर व्हीलर गाड़ी चलाने में भी दिक्कत आ रही है जिस कारण रात के समय मोटरसाइकिल चलाने वालों को यह गहरे गड्ढे नहीं दिखते जिससे वह दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं।

दीवानगंज, अंबाडी ,सेमरा, कूल्हाड़िया, बालमपुर के ग्रामीणों का कहना है कि भोपाल से विदिशा तक का मार्ग रात और दिन चलता है इसमें दिनोदिन ट्राफिक बढ़ता ही जा रहा है इस मार्ग पर दो पहिया वाहन चलाना मुश्किल हो गया है। पिछले साल बारिश से पहले इस रोड का पैचवर्क भर गया था। मगर बारिश में फिर से गहरे गहरे गड्ढे हो गए जिनको अभी तक नहीं भरा गया है जबकि बारिश बीते लगभग 3 महीने हो गए हैं।