रायसेन ।जिला मुख्यालय के निजी जनसेवा हॉस्पिटल में हंगामा किया, इलाज करा रहे मरीजों और उनके परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर आयुष्मान कार्ड योजना के बावजूद अतिरिक्त पैसे मांगने का आरोप लगाया हे। अस्पताल आयुष्मान योजना का पैनल में शामिल है, फिर भी मरीजों से पैसे मांगे जाने पर विवाद खड़ा हुआ।SDM,TI पुलिस मौके पर पहुंचे, समझाईश देकर मामले की जांच का आश्वासन दिया हे। पहले भी इस अस्पताल पर इस इसी तरह के आरोप लगे हे।जिला अस्पताल से बर्खास्त डॉक्टर द्वारा इस पूरे अस्पताल का प्रबंधन किया का रहा हे।

जनसेवा अस्पताल जिला अस्पताल के समीप हे। यहां आए दिन इसी तरह के नजारे देखने मिलते हे।कल गुस्साए मरीजों और परिजनों ने सी अस्पताल में आयुष्मान कार्ड होने के बाद डॉक्टर शैलेन्द्र झरिया द्वारा नगद रुपए मांगने पर जमकर हंगामा किया। स्थिति बिगड़ने की सूचना पर एसडीएम मनीष शर्मा और तहसीलदार सहित नगर निरीक्षक मौके पर पहुंचे और मामले को शांत कराया।
अधिकारियों ने अस्पताल प्रबंधन से पूछताछ की और मरीजों की शिकायतें सुनीं। बताया जा रहा है कि अस्पताल आयुष्मान योजना का पैनल में शामिल है, फिर भी मरीजों से पैसे मांगे जाने पर विवाद खड़ा हुआ।
कुछ दिनों पूर्व भी जनसेवा अस्पताल के डॉक्टर द्वारा एक गरीब व्यक्ति से अपेंडिक्स के ऑपरेशन के लिए आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद बीस हजार रुपए की मांग की गई। पेशे से टेलर इस व्यक्ति के पास पैसे नहीं थे। इस व्यक्ति ने एक वरिष्ठ पत्रकार को इसकी सूचना दी। पत्रकार ने तत्कालीन सीएमओ डॉ दिनेश खत्री से संपर्क कर सारी जानकारी दी। इसके बाद डॉ खत्री ने उस गरीब का जिला अस्पताल में निःशुल्क इलाज कर ऑपरेशन किया।तब कही मरीज की जान बच पाई।

आयुष्मान कार्ड के नाम से इलाज के नाम पर सरकारी खजाने से अस्पतालों की लूट कोई नई बात नहीं हे।छोटे छोटे इलाज के पीछे बड़ी बीमारी बताकर पैसे निकालना एक धंधा बन चुका हे।और इसमें स्वास्थ विभाग के अधिकारियों की मिली भगत भी जग जाहिर हे। इसे में जिला प्रशासन को इस पूरी घटना की निष्पक्ष जांच कराकर सख्त कारवाही करनी चाहिए ताकि गरीबों के हक पर ऐसे अस्पताल डॉक्टर डाका न डाल सके।