भोपाल से सुनील सोन्हिया की रिपोर्ट
रूपा पब्लिकेशन्स ने हाल ही में ऑफ द शेल्फ, हैदराबाद के साथ मिलकर लेखिका महुआ सेन की नई पुस्तक ‘द डेड फिश’ का लोकार्पण किया। यह पुस्तक प्रख्यात हिंदी-मैथिली लेखक राजकमल चौधरी की महान कृति ‘मछली मरी हुई’ का अंग्रेजी अनुवाद है। विमोचन के बाद पुस्तक पर एक जीवंत चर्चा और हस्ताक्षर सत्र का आयोजन भी किया गया।
‘द डेड फिश’ समलैंगिक इच्छा, पहचान, स्वतंत्रता और अलगाव जैसे संवेदनशील विषयों पर आधारित है। यह अनुवाद चौधरी की क्रांतिकारी और साहसी आवाज़ को गैर-हिंदी पाठकों तक पहुँचाता है, जिससे उनकी कालजयी रचना अब वैश्विक दर्शकों के लिए भी उपलब्ध हो गई है।
इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पाठक, साहित्यकार और शिक्षाविद शामिल हुए। शुरुआती समीक्षाओं में इस अनुवाद की खूब सराहना की गई है। समीक्षकों ने इसे अंग्रेजी में भारतीय साहित्य में एक महत्वपूर्ण योगदान बताया है। उनका मानना है कि महुआ सेन ने मूल रचना की कच्ची शक्ति को बरकरार रखते हुए एक सूक्ष्म और भावपूर्ण अनुवाद किया है। इसे राजकमल चौधरी की आधुनिकतावादी क्लासिक को वैश्विक मंच पर लाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
विमोचन के अवसर पर महुआ सेन ने अनुवाद के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि “अनुवाद” एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया है, जो यह सुनिश्चित करती है कि कोई भी संस्कृति या कोई भी आवाज़ अनसुनी न रहे।
Udyam Registration Number : UDYAM-MP-35-0005861