– गढ़ी में श्रीमद्भागवत कथा में तीसरे दिवस श्रीकृष्ण जन्म पर हुई कथा
सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
जब जब पृथ्वी पर अत्याचार और अनाचार बढ़ता है, भगवान उसका निवारण करने के लिए पृथ्वी पर जन्म लेते हैं। भगवान श्री कृष्ण ने द्वापर युग में अत्याचार मिटाने के लिए ही पृथ्वी पर जन्म लिया था।
यह बात गढ़ी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में विद्वान प्रवक्ता आचार्य कृष्णदत्त महाराज ने तीसरे दिवस श्रीकृष्ण जन्म कथा में कही। उन्होंने आम जनमानस को समझाते हुए संदेश दिया कि देश और समाज जब कष्ट में आता है तब भगवान स्वयं उसका कल्याण करने के लिए विविध रूप में आते हैं। श्रीमद्भागवत कथा की अमृत वर्षा करते हुए कथा प्रवक्ता ने कहा कि जब भगवान श्री कृष्ण का कारागार में जन्म हुआ तो रात के आधे काल में सब पहरेदार सम्मोहन में आ गए। वासुदेव की बेड़ी खुल गई। उस समय यमुना पूरे उफान पर

थी। लेकिन, भगवान श्रीकृष्ण के पैर का स्पर्श होते ही वह शांत हो गई। भागवत कथा में कथावाचक ने कहा कि कृष्ण हिन्दू धर्म में विष्णु के अवतार हैं। सनातन धर्म के अनुसार भगवान विष्णु सर्वपापहारी पवित्र और समस्त मनुष्यों को भोग तथा मोक्ष प्रदान करने वाले प्रमुख देवता हैं। जब-जब इस पृथ्वी पर असुर एवं राक्षसों के पापों का आतंक व्याप्त होता है तब-तब भगवान विष्णु किसी न किसी रूप में अवतरित होकर पृथ्वी के भार को कम करते हैं। वैसे तो भगवान विष्णु ने अभी तक तेईस अवतारों को धारण किया। इन अवतारों में उनके सबसे महत्वपूर्ण अवतार श्रीराम और श्रीकृष्ण ही माने जाते हैं। कथा प्रवचन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।