भोपाल । मध्य प्रदेश में निकाय और पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच राज्य के 15 हजार से ज्यादा अधिकारी और कर्मचारियों के ट्रांसफर होने वाले हैं। इसकी तैयारियां की जा रही हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने इसके लिए नोटिस जारी किया है। मध्य प्रदेश में जून माह में पंचायत और निकाय चुनाव होने जा रहे हैं, चुनाव से पहले सरकारी बड़े पैमाने पर अधिकारियों और कर्मचारियों का स्थानांतरण किया जाएगा। मध्यप्रदेश निर्वाचन आयोग ने 15 हजार से ज्यादा अफसरों और कर्मचारियों की सूची राज्य सरकार को सौपते हुए ट्रांसफर करने का नोटिस जारी किया है। निर्वाचन आयोग के आदेश में कहा गया है कि पिछले 4 साल में 3 साल तक एक ही स्थान पर जमे अधिकारियों और कर्मचारियों को ट्रांसफर किया जाए। साथ ही चुनाव की अधिसूचना जारी होने से पहले ही राज्य सरकार को ट्रांसफर के निर्देश जारी करने होंगे। दरअसल ओबीसी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद राज्य चुनाव आयोग ने तैयारी शुरू कर दी है। प्रदेश में सबसे पहले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होने वाले है। इसके बाद प्रदेश के नगरीय निकाय के चुनावों की तारीख तय की जाएगी।
राज्य चुनाव आयोग को 31 मई तक चुनावों की घोषणा करनी होगी। इसीलिए आयोग ने 25 मई तक पंचायतों चुनाव में आरक्षण की रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग द्वारा राज्य चुनाव आयोग के निर्देश पर सभी जिला कलेक्टरों को आदेश जारी किया है। मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने पहले ही निर्देश दिए हैं कि निकाय चुनाव ईवीएम से और पिचायत चुनाव मतपेटी से किए जाने हैं इसलिए प्रशासन को ईवीएम और मतपेटियों को लेकर तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। चुनाव कराने के लिए कम समय हैं इसलिए मतपत्र छापने के लिए टेंडर जारी करने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों से चुनाव के लिए संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों की जानकारी भी तलब की गई है।