• तुलसी मानस प्रतिष्ठान के साथ करार
• रोज़गार आधारित पाठ्यक्रम प्रारंभ करेंगे
• कौशल विकास, मुल्यपरक शिक्षा पर साझा कार्यक्रम होंगे
रायसेन। साँची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय अब रामचरित्र मानस पर हो रही सभी रिसर्च में सहयोग करेगा। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा स्थापित तुलसी मानस प्रतिष्ठान के साथ सांची विश्वविद्यालय ने अनुबंध (MoU) साइन किया है। तुलसी मानस प्रतिष्ठान के कार्याध्यक्ष व बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्री रघुनंदन शर्मा और सांची विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वैद्यनाथ लाभ की अध्यक्षता में कुलसचिव प्रो. अलकेश चतुर्वेदी ने इस अनुबंध को हस्ताक्षरित किया।

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा स्थापित तुलसी मानस प्रतिष्ठान के अध्यक्ष प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव व उपाध्यक्ष संस्कृति मंत्री श्री धर्मेंद्र लोधी हैं। तुलसी मानस प्रतिष्ठान रामचरित्र मानस को केंद्रित करते हुए शोध कार्य करती है। इसके अलावा संस्थान आध्यात्मिक शिक्षा, मूल्य शिक्षा, आध्यात्मिक संस्कृति तथा धार्मिक पौराणिक साहित्य पर अनुसंधान करती है।

इस एमओयू के तहत दोनों संस्थान शिक्षकों-शोधार्थियों के आदान प्रदान तथा साझा शोध गतिविधियां चलाएंगे। इसके तहत शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण, पाठ्यक्रमों में मूल्यपरक विषयों का समावेश, कौशल विकास हेतु साझा कार्यक्रम, छात्रों-शोधार्थियों की फील्ड विज़िट, शैक्षणिक व प्रकाशनों का आदान प्रदान होगा।

इसके अलावा दोनों संस्थानों के बीच राष्ट्रीय, प्रादेशिक व स्थानीय स्तर पर युवाओं को रोज़गारपरक शिक्षा प्रदान करने पर सहमति बनी। दोनों संस्थानों ने छात्रों-शोधार्थियों को रोज़गार के अवसर उपलब्ध कराने हेतु उद्योंगों व अन्य शैक्षणिक संस्थानों को साथ जोड़कर साझा प्रयास करने का संकल्प लिया।
सांची विश्वविद्यालय और तुलसी मानस प्रतिष्ठान मिलकर सेमिनार, कॉन्फ्रेंस, कार्यशालाएं आयोजित करेंगे। इसके अलावा दोनों संस्थान योग डिप्लोमा, डिग्री, सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम, अनुसंधान भी संचालित करेंगे।