रिपोर्ट धीरज जॉनसन,दमोह
दमोह शहर से लगभग पांच किमी दूर कोपरा एनिकट जहां से पूर्व में शहर को जलापूर्ति भी होती थी वहां पंप हाउस की हालत जर्जर हो चुकी है अब यहां सिर्फ ढांचा और पाइप दिखाई देते है अगर अभी भी देखरेख नहीं हुई तो लाखों की सामग्री को बर्बाद होने में समय नहीं लगेगा अभी भी यहां की कुछ सामग्री अस्त व्यस्त और गायब बताई जाती है। कुछ समय पहले तक इस एनिकट के निकट दिखाई देने वाला पाइप अब नदारत है और पंप हाउस भी अपना अस्तित्व खोता जा रहा है।

वहीं एनिकट के पास पानी और शराब की खाली बोतलें प्लास्टिक और खाने की सामग्री नदी के पास फैली हुई दिखाई देती है जो भूमि और पानी को दूषित कर रहीं है।

गर्मी का मौसम प्रारंभ होते ही जिले के कुछ स्थानों से पानी की कमी और जलस्तर कम होने के समाचार सामने आने लगे है परंतु मौसमी नदी कोपरा से अभी भी लोग अपने खेतों में सिंचाई

मशीन के द्वारा पानी ले रहे है जिससे नदी का पानी जल्दी समाप्त हो सकता है इन दृश्यों को देखकर प्रतीत होता है कि स्वच्छता अभियान और पर्यावरण संरक्षण के लिए जमीनी स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम होने के बाद भी लोगों की सोच में अभी भी परिवर्तन परिलक्षित नहीं हो रहा है।