मां दुर्गा की पूजा को समर्पित चैत्र नवरात्रि का पावन समय चल रहा है. हर भक्त मातारानी की पूजा में बड़ी सवाधानी रखते हैं, ताकि मां दुर्गा उनसे नाराज न हों. उनकी चुनरी, फूल, भोग, श्रृंगार सामग्री, प्रसाद, फल, कलश, दीपक आदि सभी चीजों का सही से चुनाव करते हैं और विधिपूर्वक व्रत एवं पूजा करते हैं. चैत्र नवरात्रि की पूजा में महत्वपूर्ण वस्तुओं में मातरानी के लिए जलाने वाला दीपक भी है. पूरे 9 दिनों तक मां दुर्गा के लिए अखंड ज्योति या दीपक जलाया जाता है. मां दुर्गा की पूजा का दीपक कैसा होना चाहिए और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
मां दुर्गा के लिए दो मुखी दीपक जलाना चाहिए. ऐसा करने से आर्थिक उन्नति, परिवार में सुख एवं शांति, कार्यों में सफलता प्राप्त होती है. इसे साथ ही मां दुर्गा की कृपा से रोग और दोष भी दूर हो जाते हैं.
इन बातों का रखें ध्यान
मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए दो मुखी दीपक में गाय के घी और सफेद खड़ी बत्ती का उपयोग करना चाहिए.
घी के दीपक को आप अपने दाहिने ओर मां दुर्गा के समक्ष रखें. यह दीपक मां दुर्गा के बाएं होगा. घी का दीपक देवी देवताओं के लिए जलाते हैं.
यदि आपको कोई अपनी मनोकामना पूर्ण करनी है, तो मां दुर्गा के समक्ष तिल के तेल का दीपक जलाएं. उसमें लाल रंग की सीधी बत्ती का उपयोग करें.
तिल के तेल वाले दो मुखी दीपक को अपनी बाईं ओर मां दुर्गा के समक्ष रखना चाहिए. यह मां दुर्गा के दाएं रखा जाएगा.
इस बात का ध्यान रखें कि जो भी दीपक रखा जाए, उसका मुख उत्तर या पूरब दिशा में हो.
दीपक की ज्योति का रंग सुनहरा है, तो यह आपके बिजनेस और करियर में उन्नतिदायक माना जाता है. मां दुर्गा के आशीष से आपका परिवार धन धान्य से भर जाता है.
यदि आप विद्यार्थी हैं और किसी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो आप मां दुर्गा के लिए घी का दीपक जलाएं.यदि गाय का घी या तिल का तेल उपलब्ध नहीं है, तो साफ सरसों का तेल भी दीपक के लिए उपयोग कर सकते हैं
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