आलेख
अरुण पटेल
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव एक के बाद एक निर्णय लेते हुए तथा घोषणाएं करते हुए विभिन्न वर्गों को साध कर भाजपा के लिए और अधिक उर्वरा भूमि तैयार करने के अभियान में भिड़ गए हैं। वहीं दूसरी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी उन्हें सवालों के चक्रव्यूह में घेरने का कोई अवसर हाथ से नहीं जाने दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव बुंदेलखंड को औद्योगिक हब बनाने के लिए संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता निरूपित करते हुए पुलिस अधिकारियों को शराब की अवैध बिक्री, जुआ सट्टा पर सख्ती से कार्रवाई करने का निर्देश दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डा. यादव ने सागर संभागीय समीक्षा बैठक में निर्देश दिये कि बुंदेलखंड को औद्योगिक हब बनाने के लिए जनप्रतिनिधि और अधिकारी संयुक्त रूप से प्रयास करें, जिससे संभाग के जिलों में रोजगार के अवसर प्राप्त हों। उन्होंने कहा कि पुलिस अपने-अपने जिलों में अवैध शराब की बिक्री, जुआ-सट्टा पर सख्त से सख्त कार्रवाई करें।
डॉ. यादव ने सागर संभाग की कानून एवं व्यवस्था तथा विकास कार्यो की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी कलेक्टर जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर अपने-अपने जिले के विकास की कार्ययोजना तैयार करें। विकास कार्य तेज गति से कराएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि बुंदेलखंड को उद्योगों का हब बनाने के लिए योजना भी तैयार करें, जिससे उद्योग के साथ रोजगार के अवसर पैदा होंगे और युवाओं को रोजगार उपलब्ध हो सकेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सागर में आगामी जून माह से राज्य स्तर का विश्वविद्यालय प्रारंभ होगा, जिसमें सभी नजदीकी कॉलेज संबद्ध होंगे। कॉलेज अपने-अपने स्तर पर रोजगार मूलक विषय प्रारंभ करेगें, जिससे शिक्षा के साथ रोजगार के अवसर भी मिल सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी कलेक्टर एवं जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्र में जनहित में जो भी कार्य आवश्यक हैं, उनको प्राथमिकता के साथ पूरा करें और नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में लगातार प्रयास करें।
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध लगातार जारी रहेगा। केवल शासन की गाइड लाइन के आधार पर अनुमति प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि बैंड बाजा वालों को प्रोत्साहन देने के लिए उनकी प्रतियोगिताएं करायें। डीजे वालों के लिए केवल दो बाक्स आधारित साउंड की अनुमति प्रदान की जावे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मांस, मछली, अंडा का विक्रय कवर्ड परिसर में ही किया जावे। इसके लिए सभी का पंजीयन आवश्यक हो। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में मांस, मछली, अंडा का खुले में विक्रय न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समीक्षा बैठक में ही सभी कलेक्टर एवं पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने जिले के विधायकों सहित अन्य जनप्रतिनिधियों को सम्मान दें तथा शिष्टाचार का निर्वहन करें। साथ ही उनके द्वारा बताए गए कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करें।
डा. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मेरी प्राथमिकता भारत विकसित संकल्प यात्रा है। भारत विकसित संकल्प यात्रा को अधिकारी गंभीरता से लें। कलेक्टर्स इस ओर ध्यान दें, इस कार्य में लापरवाही को मैं अच्छा नहीं मानता हूं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायकों की कठिनाइयों के निराकरण के लिए सभी संभागों में दो-दो वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया गया है। विधायकों की जो भी कठिनाई होगी, उसके निराकरण में वरिष्ठ अधिकारी सहयोग करेंगे। इसलिए आपसी तालमेल से समस्याओं का हल किया जाए। उन्होंने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना का जल्द भूमि पूजन से शुभारंभ होगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि कलेक्टर विधायकों के साथ में जिलों में बैठक कर उनसे प्रस्ताव लेकर चर्चा करें। किन-किन जिलों में विधायकों की बैठक हो चुकी है, इस बात का पता कर उसके निर्णयों को प्रस्ताव के रूप में प्रस्तुत करें। जनता की मांगों के अनुरूप प्रस्ताव तैयार करना होगा।
वहीं दूसरी ओर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को सवालों के चक्रव्यूह में घेरने की कोशिश करते हुए तंज किया कि मुख्यमंत्री ‘मोहन’ यादव ‘मौन’ क्यों हैं? जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया के जरिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पास पांच सवाल भेजे हैं। इन सवालों में बिगड़ती कानून व्यवस्था, लाडली बहना योजना के तहत 3000 प्रतिमाह देने से लेकर ₹450 में गैस सिलेंडर आदि देने के बारे में सवाल शामिल हैं।

-लेखक सुबह सवेरे के प्रबंध संपादक हैं
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