Let’s travel together.

क्या होते हैं ‘ओपन-एंडेड म्यूचुअल फंड’, जिसे लेकर RBI ने जताई चिंता

0 100

देश में इस समय करीब 300 अलग-अलग म्यूचुअल फंड स्कीम चल रही हैं. इसमें स्मॉल कैप से लेकर ब्लूचिप म्यूचुअल फंड स्कीम तक शामिल हैं. इन्हीं में से 17 म्यूचुअल फंड कंपनियों की 24 स्कीम को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने चिंता जाहिर की है. आरबीआई का कहना है कि इन स्कीम से पैसा निकालते वक्त इंवेस्टर्स को रिस्क का सामना करना पड़ सकता है. क्या आपको इन स्कीम के बीच का कॉमन कनेक्शन पता? ये सभी स्कीम ओपन-एंडेड स्कीम हैं. क्या होती हैं ओपन -एंडेड म्यूचुअल फंड स्कीम, ये क्लोज-एंडेड स्कीम से कैसे अलग होती हैं और इनके साथ कौन से रिस्क जुड़े होते हैं. चलिए बताते हैं…

पहले ये जान लें कि आरबीआई ने जिन 24 म्यूचुअल फंड स्कीम को लेकर चिंता जाहिर की है. उनमें देश के आम लोगों का करीब 1.7 लाख करोड़ रुपए जमा है. जबकि देश में चल रही टोटल म्यूचुअल फंड स्कीम्स में लोगों का 12.5 लाख करोड़ रुपए जमा है. टेक्नोलॉजी के बढ़ते चलन और फाइनेंस सेक्टर में नए स्टार्टअप की बदौलत म्यूचुअल फंड में लोगों का निवेश हाल के सालों में बढ़ा है.

क्या होती है ओपन-एंडेड म्यूचुअल फंड स्कीम?

शेयर मार्केट को रेग्युलेट करने वाली सेबी (SEBI) के मुताबिक ओपन-एंडेड स्कीम ऐसी म्यूचुअल फंड स्कीम होती है जिसमें कभी निवेश करना शुरू किया जा सकता है और उसे कभी भी बंद करके पैसा निकाला जा सकता है. ऐसी म्यूचुअल फंड स्कीम का कोई मैच्योरिटी पीरियड नहीं होता है, हालांकि इस स्कीम में पैसा आता-जाता रहता है, इसलिए नकदी का प्रवाह यानी इनकी लिक्विडिटी काफी नरम मॉडरेट होती है.

क्लोज-एंडेड म्यूचुअल फंड स्कीम क्या होती हैं?

ओपन-एंडेड म्यूचुअल फंड स्कीम के ठीक उलट क्लोज-एंडेड स्कीम्स होती हैं. इन स्कीम का एक फिक्स मैच्योरिटी पीरियड होता है. इन स्कीम की मैच्योरिटी पूरी होते ही इंवेस्टर्स के खाते में उसका निवेश और कुल रिटर्न लौटा दिया जाता है. कुछ म्यूचुअल फंड कंपनियां अपनी क्लोज-एंडेड स्कीम की मैच्योरिटी पूरी होने पर उन्हें ओपन-एंडेड स्कीम में कन्वर्ट कर देती हैं. इससे इंवेस्टर्स को अपने इंवेस्टमेंट को रिडीम करने या आगे और निवेश करने का ऑप्शन मिल जाता है.

आखिर कैसे काम करती हैं ओपन-एंडेड म्यूचुअल फंड स्कीम?

ओपन-एंडेड म्यूचुअल फंड स्कीम को मार्केट में हर बार एक ‘न्यू फंड’ की तरह लॉन्च किया जाता है. इन स्कीम में भी एसआईपी के माध्यम से निवेश किया जा सकता है. इन स्कीम्स की खास बात ये होती है कि इंवेस्टर्स के लिए इसमें ना तो टाइम की लिमिट होती है, ना ही उसके लिए निवेश की लिमिट तय होती है. कुछ कंपनियां अपनी स्कीम में इंवेस्टर्स को निवेश बढ़ाने का ऑप्शन भी देती हैं.

ओपन-एंडेड म्यूचुअल फंड स्कीम के कई फायदे होते हैं…

  1. ये इंवेस्टर्स को कभी भी निवेश करने और जरूरत पड़ने पर अपना निवेश बाहर निकालने की छूट देती हैं. इससे उसकी लिक्विडिटी बेहतर होती है.
  2. इन स्कीम्स में इंवेस्टर्स को अपने विड्रॉल प्लान भी बनाने की अनुमति मिलती है. इंवेस्टर्स चाहें तो समय-समय पर इसमें से पे-आउट कर सकते हैं.
  3. इन स्कीम्स में फंड के बीते सालों के परफॉर्मेंस को ट्रैक किया जा सकता है. इससे इंवेस्टर्स को इंफॉर्म्ड डिसिजन लेने में मदद मिलती है.

क्या ओपन-एंडेड म्यूचुअल फंड स्कीम में होता है जोखिम?

यूं तो शेयर मार्केट में निवेश करना अपने आप में जोखिम भरा होता है. ऐसे में ओपन-एंडेड म्यूचुअल फंड स्कीम भी इससे अछूती नहीं है. इन स्कीम में ये कुछ जोखिम अक्सर देखने को मिलते हैं.

  • ओपन-एंडेड स्कीम में कई बार ऐसा होता है कि एक साथ बहुत पैसा इंवेस्ट होता है, तो कई बार एक साथ ढेर सारा पैसा निकाल लिया जाता है. ऐसे में फंड मैनेजर को कई बार कम या अनचाहे प्राइस पर यूनिट्स की सेल करनी होती है. इससे अंत में इंवेस्टर्स को नुकसान हो सकता है.
  • इन स्कीम में एक और जोखिम आपकी एनएवी की वैल्यू में हर दिन आने वाला उतार-चढ़ाव होता है. ये स्कीम काफी हद तक डेली कैश फ्लो पर डिपेंड करती हैं, इसलिए ये काफी वॉलेटाइल होती है.
Leave A Reply

Your email address will not be published.

लूट की घटना को अंजाम देने वाला मुख्य आरोपी कनवर बाग गिरफ्तार      |     भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किया वृक्षारोपण     |     शाला प्रवेश उत्सव’ में पहुंचे विधायक, नवप्रवेशी बच्चों का किया स्वागत     |     विधायक अनुज शर्मा ने कुम्हारी (ज़ारा) को दी लाखों के विकास कार्यों की सौगात     |     बारिश में डूबा अंबाडी-छपरई अंडरपास, तीन रेलवे पटरियां पार करने को मजबूर ग्रामीण; हादसे का खतरा बढ़ा     |     सोसाइटी के सामने 80 मीटर  सीसी सड़क निर्माण शुरू,वर्षों पुरानी जलभराव की समस्या से मिलेगी राहत     |     दो साल बाद जागा एमपी आरडीसी, बालमपुर घाटी पर क्षतिग्रस्त रेलिंग बदलने का काम शुरू, वाहन चालकों को मिलेगी राहत     |     हाईवे-18 पर पुलिस की सख्ती: कर्क रेखा पर वाहन चेकिंग से मचा हड़कंप     |     प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का आखिरी दिन, सोसाइटी और एमपी ऑनलाइन में किसानों की उमड़ी भीड़, बड़ी संख्या में कराया फसल बीमा     |      जमीअत उलमा-ए-हिंद की नई तहसील इकाई का गठन,मुफ्ती हसीब बने सदर     |    

Don`t copy text!
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9425036811