प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का आखिरी दिन, सोसाइटी और एमपी ऑनलाइन में किसानों की उमड़ी भीड़, बड़ी संख्या में कराया फसल बीमा
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ वर्ष 2026 के लिए अधिसूचित फसलों का बीमा कराने की अंतिम तिथि पर दीवानगंज सोसाइटी और एमपी ऑनलाइन पर किसानों की भारी भीड़ देखने को मिली। अंतिम दिन बड़ी संख्या में ऋणी एवं अऋणी किसानों ने अपनी फसलों का बीमा कराकर योजना का लाभ लिया। किसानों ने धान, सोयाबीन, मक्का और उड़द जैसी फसलों का बीमा कराया, ताकि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की स्थिति में आर्थिक सहायता मिल सके।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों को सूखा, अतिवृष्टि, बाढ़, जलभराव, ओलावृष्टि, चक्रवात, तेज हवा, बिजली गिरने, कीट एवं रोगों से होने वाले नुकसान के विरुद्ध सुरक्षा प्रदान करती है। मौसम विशेषज्ञों द्वारा अल-नीनो के प्रभाव से वर्षा में कमी, अनियमित बारिश और सूखे जैसी परिस्थितियों की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में किसानों ने संभावित जोखिम को देखते हुए फसल बीमा को प्राथमिकता दी।

अऋणी किसानों ने भी स्वेच्छा से योजना में शामिल होकर अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा कराया। किसानों ने बैंक शाखाओं, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), एमपी ऑनलाइन केंद्र और अधिकृत बीमा कंपनी के माध्यम से आवेदन किए। बीमा के लिए आधार कार्ड, समग्र आईडी, बैंक पासबुक, भूमि संबंधी दस्तावेज और बोई गई फसल का विवरण प्रस्तुत किया गया।
खरीफ 2026 के लिए निर्धारित कृषक अंश प्रीमियम के अनुसार सिंचित धान पर 1,020 रुपये प्रति हेक्टेयर, असिंचित धान पर 684 रुपये, सोयाबीन पर 758 रुपये, मक्का पर 604 रुपये तथा उड़द पर 486 रुपये प्रति हेक्टेयर प्रीमियम तय किया गया है।
अंतिम तिथि होने के कारण दीवानगंज सोसाइटी में पूरे दिन किसानों की आवाजाही बनी रही। किसानों ने कहा कि बदलते मौसम और प्राकृतिक आपदाओं के बढ़ते खतरे को देखते हुए फसल बीमा उनकी खेती के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच साबित हो सकता है।