शिवलाल यादव रायसेन
इस बार नवंबर महीने में ही पहला मावठा के बरसने से रबी सीजन की फसलों को अमृत मिल गया है।मावठे के गिरने से फिलहाल अन्नदाताओं के खुशी से चमक उठे हैं।
फसलों को मिला मावठा….
इस बारिश से रबी सीजन की गेंहू, चना और अन्य फसलों को फायदा बताया जा रहा है। नकतरा कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ कृषि विशेषज्ञ डॉ स्वप्निल दुबे बताया कि ने इस बारिश से गेहूं, चना, मटर सहित अन्य फसलों को भी फायदा बताया है। विदित हो कि पांच-छह दिन पूर्व तक जिले में बोवनी का आधा लक्ष्य ही पूरा हुआ था। कुछ किसान बोवनी की तैयारी कर रहे थे। जिन किसानों ने बोवनी के लिए एरावनी कर खेत छोड़ दिए थे अब उन्हें बोवनी के लिए कुछ और इंतजार करना पड़ेगा। जब तक खेत सूख नहीं जाते है।वह फसलों की बोवनी नहीं कर पाएंगे। वहीं एरावनी की तैयारी करने वाले किसानों को पानी की बचत बताई जा रही है। जबकि बोवनी कर चुके किसानों को यह पानी हर तरीके से फायदेमंद बताया जा रहा है।
इधर रबी सीजन की बोवनी के साथ ही मावठे की पहली बारिश ने किसानों के चेहरों पर खुशी ला दी। रात के बाद दोपहर को भी जिले में जोरदार बारिश हुई। यह बारिश फसलों के लिए अमृत बताई जा रही है। इस बारिश ने किसानों के एक पानी को बचा लिया है। वहीं आज भी मौसम विभाग ने जिले में बारिश की संभावना जताई है।
पिछले पांच छह दिनों से रायसेन जिले में लगातार बादल छाए हुए थे। मौसम विभाग लगातार बारिश के संभावना जता रहा है। इस बीच शुक्रवार को दिनभर और रात को तेज हवाओं के साथ रिमझिम बारिश का दौर शुरू हो गया। रात को हुई बारिश के बाद शनिवार की सुबह तक जिले में 12 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी थी। वहीं सुबह से ही बादल छाए रहे और रिमझिम फुहार होती रही। इसके साथ ही पूरे दिन आसमान में कोहरे की धुंध सी छाई रही। शनिवार को अलसुबह से कोहरे की चादर में लिपटा रहा रायसेन शहर।कृषि महाविद्यालय सीहोर के मौसम वैज्ञानिक डॉ एसएस तोमर ने आज शनिवार को भी रायसेन जिले में बारिश की संभावना बताई है।
मौसम वैज्ञानिक डॉ तोमर ने बताया कि अभी पांच दिनों तक जिले में ऐसा ही मौसम रहने की संभावना है। उनका कहना है कि अभी पांच दिन ऐसा ही मौसम रहेगा और बारिश का दौर जारी रहेगा।