मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
दीवानगंज में आवारा कुत्तों ने 15 दिन के अंदर तीन लोगों को काट लिया है। जिससे आसपास के ग्रामीण इलाकों में आवारा कुत्तों की दहशत बनी हुई है। 15 दिन पहले यूनानी की कर्मचारी साधना चौहान को अस्पताल के पास ही आवारा कुत्ते ने काट लिया था। उनका इलाज चल रहा है। शुक्रवार को भोपाल विदिशा हाईवे 18 पर ड्यूटी से लौट रही प्रियंका राघव को कुत्ते ने पैर पकड़ लिया और दांत गड़ा दिए। प्रियंका राघव अपनी स्कूटी पर बैठकर स्कूटी चालू कर रही थी कि अचानक कुत्ता आया और पैर पकड़ लिया बड़ी मुश्किल से हाथ का धक्का देखकर कुत्ते को अपने से दूर किया। जब तक कुत्ते ने पैर में दांत गड़ा दिए थे। 2 दिन पहले भी रेखा बाई, अमन पिता कमल सिंह निवासी अंबाडी को भी आवारा कुत्ते ने काट लिया है। जब यह सभी लोग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दीवानगंज पहुंचे तो वहां पर कुत्ते के काटने वाला इंजेक्शन एंटी रेबीज उपलब्ध नहीं था। बताया गया कि दीवानगंज स्वास्थ्य केंद्र में एंटी रैबीज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है। सांची लगवाना पड़ेगा। कुछ लोगों ने सांची में जाकर लगवा लिया तो कुछ लोग प्राइवेट लगवा रहे हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दीवानगंज के आसपास 25 गांव पड़ते हैं। इन 25 गांव में अगर किसी ग्रामीण को कुत्ता काट लेता है तो उसको 25 किलोमीटर दूर सांची में जाकर एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाना पड़ता है। जबकि कुत्ता काटने के 24 घंटे के अंदर एंटी रेबीज इंजेक्शन लगना बहुत जरूरी है।
गली-मुहल्ले और सड़क पर घूमते कुत्ते अक्सर आते-जाते लोगों को काट लेते हैं. वे आपके पैर या शरीर के किसी अंग में दांत घुसा सकते हैं. ऐसे में अगर कुत्तों में जहर खत्म करने का टीका न लगा हो तो वह ज्यादा खतरनाक हो सकता है. इससे असहनीय दर्द तो होता ही है, कईं इंजेक्शन लगवाना पड़ता है. अगर सही समय पर इंजेक्शन न लगवाया जाए तो रैबीज की बीमारी लग जाती है और इससे मौत भी हो सकती है. इसलिए कुत्ता काटे तो लापरवाही नहीं करना चाहिए
इसके साथ ही कुत्ते काटने के बाद टेटनस का इंजेक्शन भी सबसे पहले लगवाना चाहिए. बता दें कि टिटनेस का इंजेक्शन घाव ठीक करने के लिए नहीं बल्कि वैक्सीन की तरह काम करता है.प्रियंका राघव के पैर में कुत्ते ने दांत गड़ाए
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