रामभरोस विश्वकर्मा, मंडीदीप रायसेन
भोजपुर विधानसभा चुनाव 2023 में दो दिग्गज आमने सामने है।भाजपा ने 5 बार सुरेंद्र पटवा पर विश्वास जताया है।पर इस बार सुरेंद्र पटवा की राह आसान दिखाई नजर नहीं आ रही है।3 बार जीत हासिल कर चुके है। पर अब जीत की राह आसान दिखाई नजर नहीं आती है। भोजपुर विधानसभा में जीत का लक्ष्य 50 हजार पार रखा है।2008/2013 और 2018 में जीत आसान थी।पर इस बार कांग्रेस ने पूर्व विधायक राजकुमार पटेल को मैदान में उतारा है।राजकुमार पटेल 14 साल बाद राजनीति में सक्रिय हुए और उन्हें भोजपुर विधानसभा की फतह को लेकर जिम्मेदारी दी।पर राजकुमार पटेल का भोजपुर सीट पर चुनाव लडना किसी टेडी खीर से कम दिखाई नजर नही आता है ।क्योंकि इससे पहले कभी भी भोजपुर विधानसभा की राजनीति में सक्रिय नही हुए थे।इसके बाद भी कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने राजकुमार पटेल को मैदान में तो उतार दिया।पर पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटवा से पहले पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा भोजपुर विधानसभा का नेतृत्व करते थे।जिसके बाद सुरेंद्र पटवा को यह जिम्मेदारी मिली 2003 के पहले चुनाव में कांग्रेस के राजेश पटेल ने उन्हें हराया था।जिसके बाद सुरेंद्र पटवा ने 3 बार जीत दर्ज की जो निरंतर जारी है।अब देखना होगा की भोजपुर विधानसभा का सरताज कोन होगा जनता किसको एक बार फिर अपना विधायक चुनती है
स्थानीय नेताओं को दोनो पार्टियों ने किया दरकिनार
जब जब विधानसभा चुनाव आते है तब तब स्थानीय नेता को टिकिट देने की मांग जोर पकड़ती दिखाई नजर आती है।इसके बाद भी दोनो प्रमुख पार्टियों द्वारा इस मांग को हर बार दरकिनार कर बाहरी व्यक्ति को ही चुनती दिखाई नजर आती है।जनता की मांग को अनसुना कर दिया जाता है।दोनो ही पार्टी में स्थानीय नेता टिकिट क्लियर होने से पहले धुआं धार प्रचार भी करते है।इसके बाद भी दोनो दल के शीर्ष नेताओं को निराशा ही हाथ लगती है।कुछ नेता तो इतना तक कह जाते है।की हमे तो झंडे और बैनर लगाने के लिए पार्टी में रखा है।बाहरी को मिलता सम्मान और स्थानीय नेता को दरकिनार करना दोनो पार्टियों ने एजेंडा बना लिया है।की हमे किसी भी नेता को आगे नहीं बड़ाना है।शीर्ष नेतृत्व के इस फैसले से दोनो ही दल के नेताओ में निराशा दिखाई नजर आती है।मन को मारकर दुखी मन से नेता जी प्रचार तो करना मजबूरी बन जाती है।अब देखना होगा कि 2023 के भोजपुर विधानसभा चुनाव में किसके सर सजेगा ताज किसको मिलेंगी जीत और किसके हाथ लगेगी हार।