आलेख
अरुण पटेल
मध्यप्रदेश में भाजपा की निकलने वाली पांच जन आशीर्वाद यात्राओं में से एक का आगाज करते हुए 3 सितम्बर 2023 को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा ने सतना के चित्रकूट में जहां एक ओर शिवराज सरकार की उपलब्धियों का दिल खोलकर बखान किया तो वहीं दूसरी ओर उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधने में भी कोई कोर-कसर बाकी नहीं रखी। चूंकि अब एक प्रकार से मध्यप्रदेश में चुनावी अभियानों की शुरुआत हो चुकी है इसलिए पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ‘‘सबका रखेंगे ख्याल पूरा घर रहेगा खुशहाल‘‘ नारे के साथ 11 वचनों की सौगात देते हुए नजर आ रहे हैं। दोनों नेताओं का मकसद चुनावी समर में अपनी-अपनी पार्टियों की जीत सुनिश्चित करना है तो इसके साथ ही दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल भी गारंटी कार्ड देते नजर आ रहे हैं।
जगतप्रकाश नड्डा ने चित्रकूट से भाजपा की जन आशीर्वाद यात्रा को हरी झंडी दिखाते हुए रवाना किया तो वहीं मझगंवा तहसील के मिचकूरियन गांव में उन्होंने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश बीमारु राज्य से निकल कर विकसित राज्य बन गया है। भाजपा की डबल इंजन की सरकार में यहां विकास की गंगा बही है तथा मध्यप्रदेश स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं योजनाओं के क्रियान्वयन में नम्बर-वन राज्य बन गया है। राहुल गांधी व कमलनाथ पर भी उन्होंने निशाना साधा और कहा कि राहुल की मोहब्बत की दुकान में सनातन धर्म के खिलाफ जहर उगला जा रहा है। उन्होंने विपक्ष के गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि यह दलीय गठजोड़ असल में घमंडिया गठबंधन है।
नड्डा ने तामिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन के बेटे उदयनिधि के उस बयान पर सवाल उठाये जिसमें उन्होंने सनातन को जड़मूल से समाप्त करने की बात कही थी। उन्होंने पूछा कि क्या स्टालिन का सनातन विरोधी बयान विपक्षी गठबंधन की सोची-समझी रणनीति है। उन्होंने पूछा कि क्या राहुल गांधी ने जो मोहब्बत की दुकान चलाई है इसमें हिन्दू और सनातन धर्म के लिए नफरत का सामान बिक रहा है, क्या आपकी मोहब्बत की दुकान यही है। उनका कहना था कि मध्यप्रदेश में भी कांग्रेस कुछ दिनों के लिए सत्ता में आई थी, कमलनाथ सरकार करप्ट और भ्रष्टाचार में लिप्त थी, ऐसी सरकार को मध्यप्रदेश में दोबारा नहीं आने देना है। भाजपा के पांच-जी का मतलब समझाते हुए उन्होंने कहा कि इसका तात्पर्य ग्रोथ, गुड गवर्नेंस, गुडबिल, गारंटी और गरीब कल्याण है।
एक तरफ जहां कमलनाथ वायदों की झड़ी लगा रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहाकि कांग्रेस ने पहले 900 वायदे किए थे लेकिन पूरा एक भी नहीं किया, किसानों से कर्ज माफ करेंगे बोलकर उन्हें डिफाल्टर बना गये, कांग्रेस के झांसे में मत आना।
कमलनाथ के 11 वचनों की सौगात में महिलाओं को 1500 रुपये महीना देने, 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने, 100 यूनिट बिजली फ्री, दो सौ यूनिट तक हाफ बिल और किसानों का कर्ज माफ होने की बात कही गयी है। इसके साथ ही पुरानी पेंशन योजना लागू करने, पांच हार्स पॉवर तक बिजली फ्री करने एवं किसानों के बिजली बिल माफ करने के साथ ही साथ ओबीसी आरक्षण 27 प्रतिशत करने, 12 घंटे सिंचाई के लिए बिजली उपलब्ध कराने, जातिगत जनगणना कराने और किसानों पर दर्ज मामले वापस लेने का भरोसा दिलाया गया है।
कांग्रेस के निशाने पर इन दिनों शिवराज के साथ ही साथ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी हैं क्योंकि उनके पाला बदलने के साथ ही डेढ़ दशक बाद राज्य में सत्ता में आई कांग्रेस का लगभग डेढ़ साल में ही सत्ता से वनवास हो गया था। जन आशीर्वाद यात्रा के शुभारंभ के अवसर पर चित्र में कोने में ज्योतिरादित्य सिंधिया खड़े नजर आ रहे हैं, जिस पर व्यंग्य करते हुए कांग्रेस के नेता के.के. मिश्रा ने ट्वीट किया है कि उसूलों पर जहां आंच आये तो टकराना जरुरी है, सम्मान न बचे तो कोना पकड़ना मजबूरी है, चुनावी बयार बह रही है इसलिए एक-दूसरे पर व्यंग्य बाणों की बरसात जारी है।

–लेखक सुबह सवेरे के प्रबंध संपादक हैं
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