Let’s travel together.

कांग्रेस ने 2 अगस्त को दिल्ली में कर्नाटक नेताओं को किया तलब, मंत्रियों संग होगी हाईलेवल मीटिंग

54

कांग्रेस आलाकमान ने पिछले कुछ समय से पार्टी की कर्नाटक इकाई में जारी असंतोष समाप्त करने के लिए दो अगस्त को नयी दिल्ली में राज्य के पार्टी नेताओं की दो बैठकें आहूत की हैं। पार्टी के शीर्ष सूत्रों ने यह जानकारी दी। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, पहली बैठक पार्टी आलाकमान और कर्नाटक के शीर्ष पार्टी नेताओं के बीच होगी।

कांग्रेस के एक पदाधिकारी ने बताया, ‘‘उस बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, मुख्यमंत्री सिद्धरमैया, उपमुख्यमंत्री एवं पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष डी. के. शिवकुमार, कानून एवं संसदीय कार्य मंत्री एच. के. पाटिल, पार्टी महासचिव के. सी. वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला एवं कुछ अन्य शीर्ष पदाधिकारी शामिल होंगे।”

पदाधिकारी ने बताया कि दूसरी बैठक कांग्रेस के मंत्रियों के साथ होगी, जिसमें पार्टी के कुछ वरिष्ठ विधायक भी हिस्सा ले सकते हैं। पार्टी विधायकों की शिकायतों को दूर करने के लिए बृहस्पतिवार को कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक बेनतीजा रहने के मद्देनजर ये बैठकें आहूत की गई हैं। कांग्रेस विधायक कथित तौर पर इस बात से नाराज हैं कि उनके निर्वाचन क्षेत्रों में कोई विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। बैठक के दौरान उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मंत्री उन्हें समय नहीं दे रहे हैं और उनकी समस्याओं का समाधान नहीं कर रहे हैं।

कांग्रेस के एक अन्य सूत्र ने कहा, ‘‘इन विधायकों ने हस्ताक्षर अभियान भी चलाया था, जिससे पार्टी नेताओं ने सही नहीं माना था। यहां तक कि मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने सीएलपी बैठक के दौरान उन्हें चेतावनी दी थी कि वे ऐसी रणनीति का सहारा न लें, क्योंकि इससे सरकार की बदनामी होती है।” राज्य के गृह मंत्री डॉ. परमेश्वर ने इस बात से इनकार किया कि सीएलपी बैठक के दौरान कोई असहमति थी।

परमेश्वर ने कहा, ‘‘कुछ विधायकों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा था कि उन्हें विधायक दल के सदस्यों की एक बैठक बुलानी चाहिए। इसका कारण यह था कि पिछली सीएलपी बैठक आधे समय में ही समाप्त हो गई थी, क्योंकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी मंत्रियों और विधायकों से मिलना चाहते थे।” उन्होंने यह भी कहा कि सिद्धरमैया ने विधायकों से कहा कि ‘‘पत्र लिखना उचित नहीं है।” परमेश्वर ने बताया, ‘‘मुख्यमंत्री ने विधायकों से कहा कि यदि आपने मुझे मौखिक रूप से बताया होता तो मैं बैठक बुला लेता। उन्होंने उनसे अनुरोध किया कि भविष्य में पत्र लिखने की परंपरा जारी नहीं रखी जानी चाहिए।”

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

विद्यारंभ कार्यक्रम नन्हें कदमों ने बढ़ाया पहली कक्षा की ओर सफर     |     रेलवे ट्रैक पर युवक की लाश मिलने से सनसनी,ग्वालियर से औरंगाबाद जा रहा था युवक     |     असफलता से घबराने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना ही सफलता का मूल मंत्र: उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल     |     गैरतगंज में 27 मार्च से संगीतमय श्री रामकथा का आयोजन, रामनवमी पर निकलेगी भव्य शोभायात्रा     |     मध्यप्रदेश सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ का प्रशासन कोअल्टीमेटम ,मांगें पूरी नहीं हुईं तो 1 अप्रैल से अनिश्चितकालीन आंदोलन     |     टीम पहल द्वारा निराश्रित पशु-पक्षियों के लिए नगर में लगाए गए जल पात्र     |     ई-साईकिल वितरण के लिए दिव्यांगजनों का आयोजित हुआ परीक्षण शिविर     |     “ब्लूटूथ”का आविष्कार कब और कहाँ हुआ था?आइये जानें इस वायरलेस टेक्नोलॉजी के बारे में रोचक तथ्य     |     25 किलो. 900 ग्राम अवैध मादक पदार्थ डोडाचूरा के साथ दो आरोपी गिरफ्तार     |     गैस की कीमत मे की गई वृद्धि के विरोध मे कांग्रेस 25 मार्च को रैली निकाल करेगी विरोध प्रदर्शन सौंपेगी ज्ञापन     |    

Don`t copy text!
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9425036811