रिपोर्ट धीरज जॉनसन दमोह
दमोह जिले के विभिन्न स्थानों से अन्य जिलों और राज्यों की ओर मजदूरों को प्रवास करते अक्सर स्थानीय रेलवे स्टेशन पर देखा गया है जिससे यह आश्चर्य भी होता है कि जहां ग्रामीण इलाकों में विभिन्न योजनाएं क्रियान्वित होती रहती है तो वहां से श्रमिक पलायन क्यों करता है।
जनप्रतिनिधि या जिम्मेदार, पलायन रोकने और रोजगार देने के दावे करें लेकिन स्टेशन पर दिखाई देते लोग जिनमें कुछ परिवार छोड़कर तो कुछ परिवार सहित रोजगार की तलाश में जाते देखे जा सकते है। जिससे प्रतीत होता है कि दावे सिर्फ कागजी है।
बेरोजगारों को 100 दिन का रोजगार देने की सबसे बड़ी योजना मनरेगा की बात करें तो उसमे भी सिर्फ कागजी मजदूरों को रोजगार दिया जा रहा है आज के दौर में मजदूरों की जगह बड़ी बड़ी दहाड़ती मशीनों ने ले ली है।

शासन भले ही करोड़ों अरबों रुपए दें लेकिन उसमें से भी बहुत कुछ भ्रष्टाचार भेंट चढ़ जाते हैं।
जनपद पंचायत बटियागढ़ के फुटेराकला ग्राम पंचायत के राजाराम का आरोप है कि पीएम आवास निर्माण कार्य में मजदूरी की थी जिसकी मजदूरी नही मिली,इसी तरह आयुष सिंह के अनुसार बटियागढ़ जनपद पंचायत की सगरोन पंचायत में मंगल लोधी के खेत के पास सेमरा नाला पर स्टॉप डेम बनाया जा रहा है जबकि नाले में पानी भरा हुआ है, फर्जी मस्टर डालकर सरपंच सचिव और उपयंत्री मिलकर कागजी मजदूर दिखाते हुए राशि हड़प रहे हैं। आयुष ने कनौरा रामनगर में राकेश के खेत के पास बन रहे स्टॉप डेम में जिम्मेदारों द्वारा भ्रष्टाचार किए जाने के आरोप लगाते है।बटियागढ़ के आर के तिवारी का आरोप है कि बकायन पंचायत में खारी नाले के पास स्टॉप डेम बनाया जा रहा है उसमे भी फर्जी मस्टर डालकर सरपंच सचिव और उपयंत्री मिलकर राशि हड़प रहे है, जबकि ठेकेदार मशीनों से निर्माण कार्य कर रहा है जबकि नाले में पानी भरा हुआ है और काली रेत और बेकार पत्थर भरकर निर्माण कार्य किया जा रहा हैं।वही ग्राम पंचायत आंजनी के सिरसी नाला पर बन रहे स्टॉप डेम और गौशाला तक बनी सुदूर संपर्क सड़क की गुणवत्ता पर बीएस ठाकुर ने सवाल उठाया है,ग्राम पंचायत हिनौती उदेशा में ग्रेवियन निर्माण, परकोलेशन टैंक कार्य में फर्जी मजदूरी दर्शाकर राशि हड़पने का आरोप सरपंच सचिव से लेकर उपयंत्री और जनपद की मुख्य कार्यपालन अधिकारी तक पर आरोप लगाया है। इसी जनपद पंचायत के फतेहपुर पंचायत में भी परकोलेशन टैंक, ग्रेवियन रोड, खेल मैदान, खकरी निर्माण में कागजी मजदूरों से मजदूरी कराने का आरोप है, जिसका आरोप रोजगार सहायक से लेकर उपयंत्री और सहायक यंत्री तक पर आरोप है। अन्य ग्राम भी विकास का इंतजार कर रहे है। यह क्षेत्र सबसे ज्यादा विकास के लिए जाना जाता है। इस विधानसभा से ही जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव जीतकर क्षेत्र के विकास की बांते करते हैं,एक जानकारी के अनुसार इस जनपद में (2021–22) 3829.22 लाख रुपये, (2022–23) 4381.46 लाख रुपये, (2023–24) अब तक 1436.36 लाख रुपये सिर्फ मनरेगा योजना में खर्च हो चुके हैं और यह आरोप क्षेत्र से ज्यादा अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के विकास की ओर इशारा कर रहे हैं।