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नहीं हो सकी नगर में पानी निकासी व्यवस्था  लोगों को घरों में पानी भरने की आशंका नहीं चेता प्रशासन

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देवेन्द्र तिवारी सांची
सांची  के हालात तब बद से बद्तर हो जाते हैं जब प्रशासन की बारिश पूर्व तैयारी मात्र दिखावा बनकर रह जाती है जिसका खामियाजा लोगों को अपने घरों में पानी भरने से लाखों रुपए का घरेलू सामान बर्बाद होने का मंजर देखना पड़ता है । परन्तु पानी निकासी तथा विकास का ढिंढोरा पिटवा रह जाता है न ही इन समस्याओं को जनप्रतिनिधि ही गंभीरता से ले पाते हैं।


जानकारी के अनुसार यह स्थल विश्व विख्यात पर्यटक स्थल के रूप में विख्यात जरूर है परन्तु इस स्थल के अनुरूप लाखों करोड़ों खर्च करने के बाद भी ढाला जा सका है न ही इस विख्यात स्थल पर रहने वाले नागरिकों को ही कोई मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकी है । वैसे तो इस स्थल पर हर वर्ष लाखों रुपए बारिश पूर्व तैयारी में तथा नगर में पानी निकासी व्यवस्था में जुटाने मात्र कागजी बनकर रह जाती है तथा बारिश के कड़े तेवर से लोगों को बरसात मुश्किल से गुजारना पड़ती है बावजूद इसके इस गंभीर समस्या के निराकरण के लिए न तो प्रशासन न ही शासन के लोगों को ही सुध लेने की फुर्सत मिल पाती है । अब जब नगर में बारिश ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है तथा आयेदिन मौसम विभाग भी लगातार भारी बारिश की चेतावनी दे रहा है परन्तु स्थानीय ढीला प्रशासन लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में नाकाम साबित हो रहा है लोग इस बारिश से फिर चिंतित हो गए हैं । बताया जाता है कि नगर के बीचोंबीच मदागन तालाब है जिसमें नगर भर का पानी इकट्ठा हो जाता है हालांकि इस तालाब को पर्यटन विभाग द्वारा तीन ओर से पक्का निर्माण एवं सोन्दर्यीकरण तो कर दिया परन्तु उसने भी आधा-अधूरा छोड़ चलता है गया जिससे आबादी की ओर कच्ची मिट्टी की पार छोड़ दी जिससे तालाब भरने पर हर वर्ष यह पार पानी में बह जाती है जिससे तालाब का पानी वार्ड नं 15 -5-14 के लगभग सभी घरों में भर जाता है तथा लोगों को अपने लाखों रुपए के घरेलू सामान से हाथ धोना पड़ता है तथा घरों में गंदगी भरने से क ई दिनों तक अपने घरों की सफाई करनी पड़ती है इतना ही नहीं इस घरों में गंदगी भरने से लोगों को गंभीर विभिन्न बीमारियों से भी निपटना पड़ता है तब प्रशासन मात्र पानी भरने वाले क्षेत्र का सर्वे कर नाममात्र का मुआवजा देकर छुटकारा पा लेता है परन्तु समस्या के समाधान के प्रयास नहीं कर पाता । हालांकि कुछ वर्ष पूर्व घरों में भरे पानी का सर्वे करने प्रशासन के निर्देश पर निकले हल्का पटवारी राधेश्याम चौहान को अपनी जान से हाथ तब धोना पड़ा था जब वह लोगों के घरों में घुसे पानी से नुकसान का आंकलन करने पानी में घुसकर सर्वे कर रहे थे तब पानी में करंट फैलने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी । परंतु इस घटना से भी प्रशासन सबक नहीं ले सका तब पानी में करंट उतर गया तब घरों में रहने वाले लोग अपने घरों से पानी बाहर निकाल ने में जुटे रहते हैं तब बड़ी जनहानि से भी इंकार नहीं किया जा सकता तब आखिर ऐसी घटना की जिम्मेदारी किसकी होगी शायद प्रशासन के पास भी जवाब नहीं रहता क ई सालों से यह सिलसिला लगातार जारी है तथा बारिश की तैयारी मात्र कागजी बनकर रह जाती है प्रशासन में बैठे लोग इस नाम से अपनी जेबें भरने में पीछे नहीं दिखाई देते ।यही हाल वार्ड नं 13 जिससे स्थानीय प्रशासन को सर्वाधिक आय का स्त्रोत है वहां भी व्यवस्था चौपट दिखाई देती है करोड़ों रुपए खर्च कर बड़े बड़े नाले तो बना कर तैयार कर दिये परन्तु इन नालों में पानी न पहुंचकर घरों सड़कों पर भर जाता है यही हाल पुरातत्व विभाग कालोनी का भी बना हुआ है तब नगर के हालात जलमग्न जैसी स्थिति खड़ी कर देते हैं कहने को तो इस स्थल की कमान पंद्रह पार्षदों वाली परिषद सम्हाल रहीं हैं परन्तु जनता से किए वायदे छोड़ पार्षदों की अपनी गुटीय खींचतान नगर में चर्चित होती दिखाई देती रही है जिसका खामियाजा नगर वासियों को भुगतना पड़ता है जबकि नप प्रशासन नगर में रहने वालों से संपत्ति समेकित विकास शिक्षा प्रकाश सहित अन्य सुविधाओं को नाम पर लाखों करोड़ों वसूली करने में सक्रियता दिखाते दिख जाते हैं बावजूद इसके मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में निष्क्रिय बने रहते हैं । तथा हाल ही में हो रही तेज बारिश ने प्रशासन की पूरी तरह से क ल ई खोल कर रख दी है नगर में सड़कों पर पानी लबालब भरा लोगों को परेशानी में डाल रहा है परन्तु नगर में प्रशासन नाम की कोई चीज दिखाई नहीं देती इन दिनों नगर के अधिकांश लोग स्थानीय प्रशासन की निष्क्रियता से खासे परेशान दिखाई दे रहे हैं तथा नगर परिषद प्रशासन के खिलाफ लोगों में रोष भी बढ़ रहा है । तथा ऐसी तेज बारिश होती रही तो लोग फिर आशंकाएं जता रहे हैं कि कभी भी तालाब फूट सकता है तथा लोगों के घरों में पानी भरने से इंकार नहीं किया जा सकता। हालांकि इस जलमग्न जैसी समस्या को अतिरिक्त तहसीलदार श्रीमती नियति साहू के संज्ञान में लाया गया था तब उन्होंने कहा कि हम एसडीएम सा के साथ समस्या ग्रस्त क्षेत्रों का निरीक्षण कर व्यवस्था सुचारू बनाने का प्रयास करेंगे ।
इस मामले में जब सीएमओ हरीश सोनी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि हम एक दो दिन में पानी निकासी व्यवस्था बनाने का प्रयास करेंगे।

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