कुलहड़िया बिजलीघर के पास देर रात हादसा, चालक को मामूली चोट; बाल-बाल बची जान, हाईवे पर आवारा मवेशी बने जानलेवा खतरा
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
भोपाल-विदिशा हाईवे-18 पर आवारा मवेशियों के कारण हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार-रविवार की दरमियानी रात कुलहड़िया बिजलीघर के पास सड़क पर बैठे मवेशियों को बचाने के प्रयास में रीवा से भोपाल जा रही बोलेरो लोडिंग पिकअप अनियंत्रित होकर करीब 10 फीट गहरी खाई में पलट गई। हादसे में चालक को मामूली चोट आई है। गनीमत रही कि पिकअप आसपास लगे पेड़ों से नहीं टकराई, वरना हादसा गंभीर हो सकता था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बोलेरो लोडिंग पिकअप रीवा से चावल खाली कर भोपाल की ओर जा रही थी। देर रात जैसे ही वाहन कुलहड़िया बिजलीघर के समीप पहुंचा, सड़क पर बैठे मवेशी अचानक सामने आ गए। उन्हें बचाने के प्रयास में चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा। पिकअप सड़क से नीचे उतरकर करीब 10 फीट गहरी खाई में जा गिरी और पलट गई। सुबह ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और हादसे की जानकारी आसपास के लोगों को हुई।

बेरखेड़ी से बालमपुर घाटी तक सड़क पर डेरा
भोपाल-विदिशा हाईवे-18 पर बेरखेड़ी चौराहा से लेकर बालमपुर घाटी तक कई स्थानों पर दिन-रात आवारा मवेशियों का जमावड़ा देखा जा रहा है। कुलहड़िया, पीएम श्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दीवानगंज के सामने, फैक्ट्री चौराहा, दाल मिल चौराहा, बालमपुर चौराहा और बालमपुर घाटी सहित एक दर्जन से अधिक स्थानों पर मवेशी सड़क पर बैठे या घूमते नजर आते हैं।
रात के समय स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। अंधेरे में सड़क पर बैठे काले और भूरे रंग के मवेशी वाहन चालकों को दिखाई नहीं देते। अचानक सामने आने पर चालक उन्हें बचाने के प्रयास में वाहन से नियंत्रण खो देते हैं। विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह स्थिति बेहद जोखिमपूर्ण बनी हुई है।
मवेशियों को बचाने के प्रयास में जा चुकी हैं जानें
ग्रामीणों के अनुसार हाईवे पर मवेशियों को बचाने के प्रयास में कई दोपहिया वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। कई लोग घायल हुए हैं और मवेशियों की भी हादसों में मौत हुई है। बालमपुर घाटी क्षेत्र में पिछले वर्ष रोहित सिसोदिया पिता गोपालाल सिसोदिया, उम्र 22 वर्ष, की मवेशी को बचाने के प्रयास में हुए हादसे में मौके पर ही मौत हो गई थी। ग्रामीणों के मुताबिक इससे पहले उनके पिता गोपालाल सिसोदिया भी मवेशी को बचाने के प्रयास में दुर्घटना का शिकार हुए थे, जिसमें उनकी मौत हो गई थी।

निर्देश और दावों के बावजूद समस्या बरकरार
मुख्यमंत्री के निर्देश, जिला प्रशासन के आदेश और जनप्रतिनिधियों द्वारा समय-समय पर मवेशियों को सड़कों से हटाने की मांग के बावजूद हाईवे पर स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं दिखाई दे रहा है। हाईवे-18 के साथ एनएच-146 पर भी सलामतपुर, त्रिमूर्ति चौराहा, ढकना चौराहा और आमखेड़ा सहित कई स्थानों पर मवेशियों के सड़क पर बैठे रहने की समस्या बनी हुई है।
लगातार हो रहे हादसों के बाद वाहन चालकों और ग्रामीणों ने सड़क से मवेशियों को हटाने, पशु मालिकों पर कार्रवाई करने और संवेदनशील स्थानों पर प्रभावी व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले समस्या का स्थायी समाधान हो सके।