सनातन धर्म में किसी भी काम को करने से पहले शुभ-अशुभ मुहूर्त का विशेष महत्व होता है। हर महीने में पांच दिन ऐसे भी होते हैं जब किसी भी प्रकार के शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। इन्हीं पांच दिनों को पंचक के नाम से जाना जाता है। जून माह में 9 तारीख से पंचक आरंभ होंगे। शुक्रवार के दिन से शुरू होने की वजह से इस बार के पंचक को चोर पंचक कहा जाएगा। इस पंचक के दौरान व्यापार या फिर पैसों का लेनदेन करने से बचना चाहिए। जानिए चोर पंचक कब से कब तक है और किन कामों को करने की है मनाही।
कब होते हैं पंचक?
ज्योतिष गणना एवं सनातन पंचांग के अनुसार पंचक 5 नक्षत्रों के मेल से बनता है। इसमें धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती नक्षत्र शामिल है। बता दें कि चंद्रमा एक राशि में करीब ढाई दिन रहता है। ऐसे में चंद्रमा पांच दिन में दो राशियों में भ्रमण कर लेता है। इन पांच दिनों के दौरान चंद्रमा इन पांच नक्षत्रों से भी होकर गुजरता है और इस कारण इन पांच दिनों को पंचक कहे जाते हैं। पंचक हर 27 दिन के बाद आते हैं।
पंचक का समय काल
सनातन पंचांग के अनुसार,आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि यानी 9 जून 2023 को सुबह 06 बजकर 02 मिनट से शुरू हो रहे हैं, जो आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि यानी 13 जून 2023 को दोपहर 1 बजकर 32 मिनट पर समाप्त होंगे।
चोर पंचक में न करें ये काम
1-भूलकर भी किसी से उधार लेन-देन न करें।
2-पंचक के दौरान अपनी चीजों का ध्यान रखें। इस दौरान चोरी होने की संभावना ज्यादा होती है।
3-चोर पंचक के दौरान किसी भी प्रकार का बिजनेस शुरू करने की मनाही होती है। इस समय काल में बिजनेस शुरू करने पर हानि होती है।
4-चोर पंचक में किसी भी तरह का निवेश करने से बचना चाहिए।
डिसक्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी/ सामग्री/ गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ धार्मिक मान्यताओं/ धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें।
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