मध्य प्रदेश के खरगोन में मंगलवार को बड़ा सड़क हादसा हो गया। बस रेलिंग तोड़कर 50 फीट नीचे सूखी नदी में जा गिरी। बस में 50 से अधिक यात्री सवार थे। अब तक 15 के मारे जाने की सूचना है।
मध्य प्रदेश में बस हादसे आम होते जा रहे हैं। हर सड़क हादसे के बाद व्यवस्था पर सवाल उठते हैं और जैसे-जैसे घटना पुरानी होती जाती है, सवाल भी कमजोर पड़ते जाते हैं। नतीजा, हर कुछ दिनों में एक्सीडेंट की खबर आती रहती है। यहां देखिए मध्य प्रदेश में हुई हालिया बड़ी बस दुर्घटनाओं की लिस्ट…
सीधी बस हादसे में 53 लोगों की हो गई थी मौत
सीधी में 16 फरवरी 2021 को यात्रियों से भरी बस नहर में गिरने से 53 लोगों की मौत हो गई थी। ड्राइवर ने नहर के से सटे शार्टकट रास्ते से बस निकालने की कोशिश की। इसी दौरान वह स्टेयरिंग से नियंत्रण खो बैठा और बस फिसलकर पास में नहर में डूब गई।
धार के खलघाट में बस हादसे में 15 लोगों की मौत
जुलाई 2023 में धार जिले के खलघाट में सवारियों से भरी बस ब्रिज की रेलिंग को तोड़ते हुए नर्मदा नदी में गिर गई थी। घटना में 15 लोगों की मौत हो गई थी। यह बस इंदौर से पुणे जा रही थी।
इंदौर स्कूल बस हादसे में 6 लोगों की हुई थी मौत
इंदौर में 5 जनवरी 2018 को बायपास पर डीपीएस स्कूल की बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें पांच बच्चों सहित 6 लोगों की मौत हो गई थी।
मनमानी करते हैं बस संचालक, सरकार ने आंखों पर पट्टी बांधी
सच्चाई यही है कि पूरे मध्य प्रदेश में बस संचालकों की मनमानी चल रही है। इनके लिए कोई नियम-कायदा नहीं है। अंध गति से बसें दौड़ती हैं। लोगों को भेड़-बकरियों की तरह ठूंस लिया जाता है। फिटनेस का ठिकाना नहीं होता। चालक कितनी प्रशिक्षित है, यह किसी को परवाह नहीं है। सवारियां बैठाने और एक-दूसरे से आगे निकलने के चक्कर में काबू होकर गाड़ियां चलाई जा रही हैं।
हर बस दुर्घटना के बाद सरकार की तरफ से औपचारिक बयान आता है, दुख जताया जाता है, मुआवजे का ऐलान कर दिया जाता है, और फिर वो ही ठाक के तीन पात। होना यह चाहिए कि सख्त नियम बनें और उनका पालन किया जाए।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.