Let’s travel together.

मैं भारत की आवाज के लिए लड़ रहा हूं, मैं हर कीमत चुकाने को तैयार: राहुल गांधी

72

नई दिल्ली । राहुल गांधी ने शुक्रवार को सदस्यता रद्द होने के कुछ घंटे बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर दी। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मैं भारत की आवाज के लिए लड़ रहा हूं। मैं हर कीमत चुकाने को तैयार हूं। यह ट्वीट उनकी प्रतिक्रिया से अधिक उनके सामने मौजूद सीमित विकल्पों को जाहिर कर रहा था। पिछले 24 घंटे में जिस तेजी से घटनाक्रम बदले और उसका जो प्रतिफल हुआ, उसके बाद राहुल गांधी के डेढ़ दशक से अधिक सियासी सफर में यह मेक या ब्रेक मोमेंट आ गया है।

जानकारों के अनुसार राहुल गांधी के लिए आगे आने वाला समय बेहद चुनौतीपूर्ण है, लेकिन इसी में उनके पास खुद को विपक्षी खेमे में एक चैलेंजर के रूप में स्थापित होने का बड़ा मौका भी छिपा है। ऐसे में उनके सियासी सफर के लिए अगले कुछ दिन बेहद निर्णायक हो सकते हैं। राहुल के एक करीबी नेता ने इस फैसले के बाद मीडिया को बताया कि मोदी सरकार ने राहुल को वह सियासी जमीन दे दी, जिसका इंतजार उन्हें था। कहीं न कहीं राहुल गांधी के लिए अब बड़ा मौका आ गया है। उन्होंने संकेत दिया कि अगले कुछ दिनों में राहुल का काउंटर सामने आ जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि एक बड़ा कैंपेन राहुल के इर्द-गिर्द चलाया जा सकता है। भारत जोड़ो पदयात्रा का दूसरा चरण पहले से प्रस्तावित है। कांग्रेस को लगता है कि राहुल के लिए कानूनी जंग जरूर कठिन है, लेकिन सियासी तौर पर पार्टी और राहुल दोनों को नुकसान से अधिक लाभ देगा।

हालांकि, मौके को भुनाना इतना भी आसान नहीं। अब तक राहुल गांधी की इसी बात के लिए आलोचना होती रही है कि वे मिले हुए मौकों को भुना नहीं पाते थे। भट्टा परसौल से भारत जोड़ो पदयात्रा के पहले चरण के अंत तक उनके आलोचकों के अनुसार वह किसी मुद्दे पर शुरुआत तो करते हैं, लेकिन निरंतरता नहीं रख पाते। हालांकि, राहुल ने पिछले कुछ दिनों से इस धारणा को बदलने की दिशा में मेहनत की है।
विपक्षी स्पेस में क्षेत्रीय दल राहुल की निरंतरता को लेकर सवाल उठाते हुए उनके नेतृत्व को खारिज करते रहे हैं। दो दिन पहले ही ममता बनर्जी ने ऐसा ही सवाल उठाया था। ऐसे में राहुल के करीबियों का मानना है कि अगर राहुल इस जंग को सियासी तौर पर लोगों तक ले जाने में सफल रहे तो यह बहस भी समाप्त हो जाएगी। इस मामले में राहुल गांधी को तमाम विपक्षी दलों के नेताओं का भी समर्थन मिला है। राहुल के करीबी नेता मिसाल देते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी जब गुजरात दंगे के बाद चारों ओर से घिरे हुए थे, तब उन्होंने इसके बीच से ही खुद को और मजबूत बनाकर निकाला।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

कलेक्टर को तोप चलाने का लाइसेंस देने का अधिकार नहीं,किस नियम के तहत जारी किया लाइसेंस – राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग      |     जान से मारने की धमकी देकर तलवार से वार करने वाला आरोपी गिरफ्तार     |     कुकेरा में गूंजी गौ माता की महिमा: ‘गौ सम्मान आव्हान अभियान’ के तहत श्रीमद् गौ भागवत कथा का भव्य आयोजन     |     विधायक ने स्वास्थ्य एवं उद्योग मंत्री से अनुदान मांगो पर चर्चा में धरसींवा क्षेत्र के विकास हेतु रखी महत्वपूर्ण मांगें     |     विधायक अनुज शर्मा ने विधानसभा में उठाई कलाकारों के सम्मान की आवाज़     |     लिफ्ट देने के बाद युवक का पर्स चोरी, 15 हजार रुपये सहित जरूरी दस्तावेज गायब     |      प्रस्फुटन समितियां की क्षमता वृद्धि हेतु प्रशिक्षण आयोजित     |     श्रद्धा के साथ मनाई शीतलाष्टमी, मंदिर और होली स्थल पर की पूजा, मंदिरों में श्रद्धालुओं की रही भीड़     |     मुनि संघ के सानिध्य में श्री जी की शोभायात्रा निकली     |     उत्कृष्ट विद्यालय गैरतगंज में लगा शिक्षकों का परिवेदना निवारण शिविर     |    

Don`t copy text!
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9425036811